अश्लील वीडियो बनाकर महिला से गैंगरेप करने के मामले में आरोपियों को 10-10 वर्ष का कठोर कारावास

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फाइल फोटो।

*   आपराधिक साज़िश में शामिल महिला को भी आरोपीगणों के समान सज़ा सुनाई

पन्ना। (www.radarnews.in) सत्र न्यायाधीश पन्ना ने सामूहिक बलात्कार के तीन वर्ष पुराने एक मामले में फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों रंजीत राय पिता दीनदयाल राय 42 वर्ष, विनोद पिता परसुआ अहिरवार 26 वर्ष, भगवानदास पिता भैयालाल 53 वर्ष को धारा 376डी, भादवि के आरोप में दोषसिद्ध पाये जाने पर 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सज़ा सुनाई है। साथ ही 500-500 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। इस प्रकरण में आपराधिक साज़िश में शामिल आरोपिया अनीता आदिवासी पत्नी बच्चा सिसौदिया 32 वर्ष को धारा 120 बी भादवि के आरोप में दोषी मानकर अपराध करने वालों के ही बराबर सज़ा 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 500 रुपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।
सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी पन्ना ऋषिकांत द्विवेदी ने अभियोजन के मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित महिला अपने पति के साथ किराये के मकान में रहती थी, उसी मकान के दूसरे कमरे में आरोपिया अनीता आदिवासी भी निवास करती थी। दिनांक 6 मार्च 2019 को अनीता ने महिला (पीड़िता) के पति से स्वयं को मायके जाने के लिये तथा देख-रेख के लिये उसकी पत्नी को अपने साथ ले जाने का प्रस्ताव दिया। पति द्वारा सहमति देने पर दोनों महिलाएं बस से चंदला जा रही थी। चंदला के पूर्व ही अनीता आदिवासी रात्रि में लगभग 8:00 बजे अपने गंतव्य के पहले बस से उतर गयी और पीड़िता को भी वहीं पर उतार लिया। मौके पर बलम पहुँचा और उन्हें पटवारी उर्फ भगवानदास के घर ले गया। जहां पूर्व से रंजीत एवं पटवारी भी उपस्थित थे। अनीता और पटवारी की बातचीत हुयी। अभियुक्तगण ने उसे वहां पर रात्रि रुकने के प्रतिफल स्वरूप पैसे देने के प्रस्ताव पर पीड़िता ने इंकार कर दिया। अनीता एवं बलम अहिरवार बाहर वाले कमरे में आ गये। रंजीत ने खिड़की से महिला (पीड़िता) का अश्लील वीडियो बना लिया और फिर सभी ने बारी-बारी से उसके साथ बलात्कार किया। आरोपियों के द्वारा घटना के संबंध में किसी को कुछ भी न बताने की धमकी दी गई।
सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता दूसरे दिन वापस अपने घर पहुंचीं लेकिन पति के न होने एवं डर के कारण घटना की जानकारी नहीं दे पाई। इस बीच आरोपियों ने महिला के अश्लील वीडियो को उसके पति के मोबाइल फोन पर सेंड करने से घटना की जानकारी प्राप्त हुई। महिला से जब पति ने घटना के संबंध पूंछतांछ की तो उसने घटना से इंकार कर दिया। हालांकि, बाद में पीड़िता ने अपने पति को सबकुछ बता दिया। महिला की रिपोर्ट पर कोतवाली थाना पन्ना में अपराध क्रमांक-197/2019 धारा- 363, 366, 376डी, 120बी एवं 506 भादंस की प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध की गई। आरोपियों की गिरफ़्तारी और प्रकरण की सम्पूर्ण विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में प्रस्तु्त किया गया। प्रकरण का विचारण सत्र न्यायाधीश पन्ना के न्यायालय मे हुआ।
सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी पन्ना द्वारा शासन का पक्ष रखते हुये साक्षियों की साक्ष्य को बिंदुवार तरीके से न्यायालय के समक्ष लेखबद्ध कराकर आरोपीगण के विरूद्ध अपराध संदेह से परे प्रमाणित किया गया। साथ ही आरोपीगण के कृत्य को गंभीरतम श्रेणी का अपराध मानते हुये न्यायालय से अधिकतम दंड से दंडित किये जाने का निवेदन किया। विद्वान न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने, अभिलेख पर आए साक्ष्यों, अभियोजन के तर्कों तथा न्यायिक-दृष्टांतो से सहमत होते हुए अभियुक्तगण रंजीत राय, विनोद अहिरवार, भगवानदास को धारा 376डी, भादवि के आरोप में दोषसिद्ध पाये जाने पर 10-10 वर्ष कठोर कारावास एवं 500-500 रूपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। प्रकरण में आपराधिक साज़िश में शामिल अनीता आदिवासी को धारा 120 बी भादवि के आरोप में दोषसिद्ध पाते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 500 रुपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अर्थदण्ड की राशि अदा न करने पर प्रत्येक आरोपी को 1-1 माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास से दण्डित करने का आदेश न्यायालय ने दिया है।