पिता-पुत्री के पवित्र रिश्ते को शर्मसार करने वाले अभियुक्त को 5 वर्ष का कठोर कारावास

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जिला एवं सत्र न्यायालय पन्ना। (फाइल फोटो)

*  द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्‍यायाधीश पन्ना ने सुनाया फैसला

*  नाबालिग से अश्‍लील हरकत कर हवश का शिकार बनाने किया था प्रयास

पन्ना। (www.radarnews.in) पिता-पुत्री के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर सभ्य समाज को शर्मसार करने के मामले में कामांध आरोपी को पोक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत दोषी पाते हुए द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्‍यायाधीश पन्ना ने पांच वर्ष के कठोर कारवास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अभियुक्त को पांच हजार रुपए के अर्थदण्ड से भी दंडित किया है। सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी एवं मीडिया सेल प्रभारी पन्ना ऋषिकांत द्विवेदी ने प्रकरण के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि घटना दिनांक 29 अगस्त 2019 को पीड़ित नाबालिग ने कोतवाली पन्ना में लिखित शिकायती आवेदन पत्र प्रस्तुत किया था।
जिसमें अपनी आपबीती का उल्लेख करते हुए बताया कि दिनांक 27 अगस्त 2019 उसकी माँ मजदूरी करने ट्रेन से जम्मू गई थी। घर में उसका छोटा भाई व छोटी बहन एवं पापा थे। दो दिन बाद रात्रि में करीब 2 बजे पिता ने उसे नींद से जागकर गलत काम करने का प्रयास किया। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से व्यथित और हैरान नाबालिग रोने लगी। उसके छोटे भाई-बहन भी रोने लगे। इससे नाराज आरोपी ने गालियां देते हुए मारपीट कर पीड़िता को चुप करा दिया।
सुबह उठकर नाबालिग ने अपनी रिश्‍ते की दीदी व जीजा को पूरी बात बताई। फरियादिया की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली पन्ना में उसके पिता के विरुद्ध अपराध क्रमांक 596/19 में धारा 354क, 294, 323, 506 भारतीय दण्ड संहिता एवं 7/8 पोस्को एक्ट के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया गया। प्रकरण की जांच उपरांत चालान न्‍यायालय में पेश किया। इस प्रकरण का विचारण न्‍यायालय द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्‍यायाधीश (पोस्को) पन्‍ना के न्‍यायालय मे हुआ। शासन की ओर से प्रकरण की पैरवी दिनेश खरे सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी पन्ना के द्वारा की गई। न्‍यायालय के द्वारा दस्तावेजी साक्ष्‍यों, अभियोजन के तर्कों तथा न्‍यायिक-दृष्‍टांतो से सहमत होते हुए अभियुक्‍त को पोस्को एक्ट की धारा 9एन/10 के अन्‍तर्गत अपराध का दोषी पाते हुये 5 वर्ष के कठोर कारावास एवं 5 हजार रूपये के अर्थदण्‍ड से दंडित किया है।