सड़क दुर्घटना : ख़तरनाक मड़ला घाटी में 100 फिट गहरी खाई में गिरा ट्रक, जानिए कैसे बची ड्राइवर और क्लीनर की जान !

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पन्ना-छतरपुर मार्ग में पड़ने वाली मड़ला घाटी की खाई में गिरे ट्रक का मलबा।

*    दुर्घटनाग्रस्त ट्रक के उड़े परखच्चे, कबाड़ में हुआ तब्दील

*    पन्ना-छतरपुर नेशनल हाइवे क्रमांक-39 पर हुई दुर्घटना

*    क्षतिग्रस्त ट्रक की हालत देखकर कांप उठता है राहगीरों का कलेजा

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-39 पर पन्ना-छतरपुर के बीच पड़ने वाली ख़तरनाक़ मड़ला घाटी में गुरुवार को सीमेन्ट से लोड एक ट्रक करीब 100 गहरी खाई में जा गिरा। इस भीषण दुर्घटना में ट्रक के परखच्चे उड़ गए। लेकिन, अच्छी बात यह रही कि ट्रक का ड्राइवर और क्लीनर इस दुर्घटना में बाल-बाल बच गए। कबाड़ में तब्दील हो चुके ट्रक की हालत व घटनास्थल का दृश्य दिल दहला देने वाला है। इस दुर्घटना के बारे सोचकर ट्रक के ड्रायवर और क्लीनर के सकुशल होने की बात अविश्वसनीय सी लगती है। क्योंकि, उनका बच निकलना महज एक इत्तेफाक है। आपने वह कहावत तो सुनीं होगी “जाको राखे साईंयां मार सके ना कोई।” बस यह समझिए कि दोनों पर यह कहावत ही चरितार्थ हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार 5 नवंबर को ट्रक क्रमांक एमपी-16-एच-1831 सीमेन्ट लेकर मैहर से भिण्ड के लिए निकला था। पन्ना से छतरपुर जाने पर घाट शुरू होने के पूर्व सड़क किनारे मोड़ पर प्रसिद्ध भैरव मंदिर पड़ता है, जहां सुरक्षित यात्रा के लिए मान्यता अनुसार राहगीर सिर झुकाते और भगवान को प्रसाद चढ़ाते हैं। दोपहर लगभग 2:30 बजे जब उक्त ट्रक हादसों की घाटी बन चुकी मड़ला घाटी पर पहुंचा तो आगे का रास्ता तय करने के पूर्व ड्राइवर अनिल अहिरवार पिता अजुद्दी अहिरवार 25 वर्ष निवासी ग्राम लहेरापुरवा थाना नौगांव जिला छतरपुर ने भैरव टेक मंदिर के सामने ट्रक रोक दिया। ट्रक का क्लीनर/हेल्पर तुरंत नीचे उतरा और मंदिर में प्रसाद चढ़ाने के लिए चला गया। क्लीनर को थोड़ा समय लगते देख ड्रायवर अनिल ट्रक को साइड में व्यवस्थित तरीके से खड़ा करने के बाद स्वयं भी नीचे उतर आया और मंदिर में माथा टेकने चला गया।
तभी ढलान पर खड़ा ट्रक अचानक बगैर स्टार्ट किए और बिना ड्राइवर के ही चल पड़ा। ट्रक को रोकने के लिए अनिल दौड़कर उस पर चढ़ तो गया लेकिन तब तक घाटी की सुरक्षा दीवार को तोड़कर उसका अगला हिस्सा हवा में लटक गया। ट्रक को गहरी खाई में गिरते देख ड्राइवर अनिल अहिरवार ने अंतिम क्षणों में अपनी जान बचाने के लिए सड़क की तरफ छलांग लगा दी। उधर, पलक झपकते ही तेज धमाके जैसी तेज़ आवाज के साथ ट्रक करीब 100 गहरी खाई में समा गया। धड़कने रोक देने और मौत के ख़ौफ़ की सिहरन पैदा कर देने वाली इस भीषण दुर्घटना में बाल-बाल बचा ड्राइवर, हेल्पर एवं आसपास मौजूद प्रत्यक्षदर्शी कुछ देर के लिए सन्न रह गए। थोड़ी देर बाद खुद को संभालने के उपरान्त जब गहरी खाई में गिरे ट्रक को देखा तो उसकी बॉडी और चेचिस अलग हो चुकी थी। ट्रक की बॉडी के परखच्चे उड़ने से वह पूरी कबाड़ में तब्दील हो चुका है।
दुर्घटनाग्रस्त ट्रक के मलबे को देखते हुए राहगीर।
खतरनाक मड़ला घाटी की क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवार, खाई में पड़ा ट्रक का मलबा, सीमेंट की बिखरीं हुई बोरियां और जंगल का सन्नाटा सड़क दुर्घटना की भयावहता को चींख-चींखकर बयां कर रहे हैं। ड्राइवर के अनुसार यह दुर्घटना ट्रक का ब्रेक फेल होने की वजह से हुई है। जबकि कुछ लोग इसे ड्राइवर की लापरवाही का नतीजा बता रहे हैं। इनका मानना है कि घाटी की ढलान में ट्रक की पार्किंग में लापरवाही बरती गई। कारण चाहे जो भी हो लेकिन मड़ला घाटी से होकर गुजरने के दौरान जिसकी भी नजर इस दुर्घटनाग्रस्त ट्रक के मलबे पर पड़ती है उसका कलेजा काँप उठता है और ट्रक ड्राइवर व हेल्पर का क्या हुआ होगा ? यह विचार दिमाग में कौंद जाता है। बताते चलें कि यह दुर्घटना उसी मड़ला घाटी में हुई है जहां करीब 5 पूर्व पुलिया के नीचे गिरी एक यात्री बस में आग लगने से दो दर्जन यात्री जिंदा जल गए थे।