कोर्ट के आदेश के बाद जनपद पंचायत अध्यक्ष का पुनः संभाला पदभार

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जनपद पंचायत अध्यक्ष अजयगढ़ का पुनः पदभार ग्रहण करने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए कांग्रेस नेता भरत मिलन पाण्डेय।

*   पन्ना कलेक्टर के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट ने जारी किया स्थगन आदेश

*   कांग्रेस नेता ने पदभार संभालते ही सत्ता पक्ष व जिला प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

पन्ना/अजयगढ़ (www.radarnews.in) जिले की जनपद पंचायत अजयगढ़ के पूर्व अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता भरत मिलन पाण्डेय के विरुद्ध कलेक्टर एवं विहित प्राधिकारी पन्ना के द्वारा मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम धारा 40 की उपधारा (1) के तहत कार्यवाही करते हुए पद से पृथक करने एवं चुनाव लड़ने पर 6 वर्ष तक के लिए रोक लगाने संबंधी पारित आदेश पर उच्च न्यायालय जबलपुर ने रोक लगा दी है। उच्च न्यायालय ने कलेक्टर के फैसले के विरुद्ध याचिकाकर्ता भरत मिलन को फौरी तौर पर राहत देते हुए स्थगन आदेश जारी किया है। हाईकोर्ट के आदेश के फ़लस्वरुप बुधवार 5 दिसंबर को भरत मिलन पाण्डेय ने पुनः जनपद पंचायत अध्यक्ष अजयगढ़ का पदभार ग्रहण कर लिया है।
इस अवसर पर श्री पाण्डेय ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए आरोप लगाया कि, अजयगढ़ क्षेत्र में हुए सैंकड़ों करोड़ के रेत खनन घोटाले की शिकायत मेरे द्वारा की गई थी। जिससे बौखलाए सत्ताधारी दल के क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के राजनैतिक दवाब में आकर पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए दुर्भावनावश मुझे पद से पृथक करने का निर्णय दिनांक 22 अक्टूबर 2021 पारित किया था। साथ ही 6 साल तक चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी। कलेक्टर के द्वारा मेरे विरुद्ध धारा 40 की कार्रवाई जिस प्रकरण को आधार बनाकर की गई थी उसमें न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने दिनांक 11 दिसम्बर 2020 को पारित अपने निर्णय में मुझे दोषमुक्त कर दिया था। इसके बाद भी कलेक्टर के द्वारा मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 का दुरूपयोग करते हुए मनमाने तरीके से कार्रवाई की गई।
कांग्रेस नेता भरत मिलन का कहना है, मुझे साजिश के तहत पद से हटाकर परेशान किया गया। क्योंकि, रेत खनन घोटाले में मैंने जिला प्रशासन, क्षेत्रीय सांसद व मंत्री पर संलिप्तता के गंभीर आरोप लगाए थे। हाईकोर्ट ने इन सभी तथ्यों पर गौर करने के बाद मेरे खिलाफ की गई कार्रवाई को प्रथम दृष्टया अनुचित मानते हुए मेरे पक्ष में स्टे आर्डर दिया है। पाण्डेय ने न्यायालय पर पूर्ण भरोसा जताते हुए कहा कि आगे भी न्याय की जीत होगी। उन्होंने कहा कि, जिला प्रशासन और सत्ता पक्ष के हथकण्डों से वे डरने वाले नहीं है। अन्याय, अत्याचार खिलाफ और जनहित से जुड़े मुद्दों पर मेरा संघर्ष अनवरत जारी रहेगा।