कुम्भ मेले से वापस लौटने वाले सभी श्रद्धालुओं को प्रशासन को देनी होगी सूचना

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कोरोना संकटकाल में आयोजित हुए कुम्भ के मेले में पवित्र स्नान के लिए जुटी श्रद्धालुओं की भारी भीड़। (फाइल फोटो)

*   एडीएम ने की अपील, अधिकारियों को निगरानी रखने के दिए निर्देश

पन्ना। (www.radarnews.in) तेजी से फैलते कोरोना संक्रमण को देखते हुए इसकी रोकथाम को लेकर शासन-प्रशासन के स्तर पर आवश्यक उपाए करने के साथ-साथ विशेष सतर्कता/सावधानी भी बरती जा रही है। लोगों से लगातार कोविड के प्रोटोकाल्स का पालन करने की अपील की जा रही है। इसी क्रम में हरिद्वार के कुम्भ मेले से वापस लौटने वाले श्रद्धालुओं से अपने निवास स्थल, नगर या ग्राम पहुंचते ही पहुंचने की सूचना जिला कलेक्टर कार्यालय को देने के लिए कहा गया है। ताकि उनके आइसोलेशन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। इस संबंध में रविवार 18 अप्रैल को पन्ना के अपर कलेक्टर जे.पी. धुर्वे ने कुंभ मेले से वापस आने वाले श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा है कि अपने निवास स्थल, नगर या ग्राम पहुंचते ही पहुंचने की सूचना जिला कलेक्टर कार्यालय को दें।
उन्होंने जिले के जागरूक नागरिकों से भी कहा है कि ऐसे व्यक्तियों की जानकारी जिला कलेक्टर कार्यालय को दें जिससे प्राप्त जानकारी के आधार पर श्रद्धालुओं को सेल्फ आइसोलेशन कराने की व्यवस्था करा सकें। अपर कलेक्टर श्री धुर्वे जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, मुख्य नगरपालिका अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि हरिद्वार कुंभ के मेले से वापस आने वाले श्रद्धालुओं पर निगरानी रखें। साथ ही शासन के निर्देशों के पालन में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए की गयी कार्यवाही की जानकारी कलेक्टर कार्यालय को प्रेषित करें।
उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के कहर से देश में प्रतिदिन संक्रमण के नए मामलों का रिकार्ड टूटने और इस महामारी से मरने वालों की तादाद बेहद तेजी से बढ़ने के कारण देश के कई स्थानों में जब लॉकडाउन लगा था ऐसे समय में इतने वृहद स्तर पर हरिद्वार में कुम्भ मेले के आयोजन की अनुमति दिए जाने एवं उसमें लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने पर लगातार गंभीर सवाल उठ रहे थे। कुम्भ मेले में बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमितों के मिलने के बाद राज्य एवं केन्द्र सरकार की तीखी आलोचना शुरू हो गई थी।चुनावी रैलियों एवं कुम्भ के मेले में जुटने वाली भीड़-भाड़ को लेकर सोशल मीडिया पर कई दिनों से लोग लगातार तल्ख़ टिप्पणी कर रहे थे।
देश में कोरोना से मची हा-हाकार के बीच आयोजित हुए कुम्भ मेले को लेकर प्रधानमंत्री की अपील के बाद अब संन्यासी अखाड़ों के संत प्रतीकात्मक स्नान करेंगे। वैसे भी संन्यासी अखाड़ों के सभी शाही स्नान पूरे हो चुके हैं। और कुम्भ मेले से श्रद्धालु वापस लौटने लगे हैं। जूना पीठाधीश्वर अवधेशानंद गिरि ने कहा कि हरिद्वार महाकुंभ मेला निर्धारित अवधि से पहले खत्म नहीं होगा। लेकिन कोविड के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए संन्यासी अखाड़ों के संत प्रतीकात्मक स्नान करेंगे।