कब्रिस्तान की भूमि से रेत परिवहन के लिए रास्ता बनाने पर विवाद

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उत्तर प्रदेश सीमा से चौतरफा घिरे पन्ना जिले के बरौली ग्राम में स्थित प्राचीन कब्रिस्तान जिसकी भूमि से होकर रेत परिवहन हेतु रास्ता बनाने पर है विवाद।

 

मना करने पर बौखलाए रेत कारोबारी ने फोन पर काट डालने की दी धमकी 

समुदाय विशेष के खिलाफ अश्लील और धमकी भरी टिप्पणी करने का आरोप

*  पन्ना जिले की अजयगढ़ तहसील के सीमावर्ती ग्राम बरौली का मामला

ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक एवं खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप और एसपी से की शिकायत

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले की अजयगढ़ तहसील अंतर्गत कुछ ग्रामों में वर्षाकाल में खेतों से रेत का खनन जारी है। केन नदी के नजदीक स्थित निजी कृषि भूमि (खेतों) को खदान में तब्दील करके दर्जन भर से अधिक स्थानों पर हैवी मशीनों के ज़रिए रेत निकाली जा रही है। सीमावर्ती ग्राम बरौली में निजी भूमि से निकलने वाली रेत के परिवहन को लेकर बीते दिनों कथित तौर पर स्थानीय कब्रिस्तान की भूमि से रेत कारोबारी के द्वारा रास्ता (मार्ग) निर्माण कराने को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि, इस मनमानी पर उनके द्वारा कड़ी आपत्ति दर्ज कराने से रेत कारोबारी भड़क उठा। कब्रों के अपमान से जुड़े संवेदनशील मसले को लेकर रेत कारोबारी से जब मोबाइल फोन पर बात की गई तो उसके द्वारा कथित तौर पर समुदाय विशेष के विरुद्ध अभद्र-अश्लील और भड़काऊ टिप्पणी की गई। साथ ही सामूहिक रूप से काट डालने की धमकी दे डाली।
इस घटनाक्रम से आहत और नाराज ग्रामीणों ने स्थानीय भाजपा नेता सैय्यद उजैफ अहमद के नेतृत्व में पन्ना पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश के खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक से की है। अपनी शिकायत के साथ ग्रामीणों ने प्रमाण के तौर बातचीत का ऑडियो भी सुनाया। लेकिन सप्ताह भर से अधिक समय गुजरने के बाद भी इस मामले में उत्तर प्रदेश के दबंग रेत कारोबारी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई नहीं की गई।
उधर, बरौली ग्राम में निर्मित तनावपूर्ण स्थिति और उस पर जिम्मेदारों के उदासीन रवैये को देखते हुए शिकायत कर्ताओं के द्वारा किसी भी समय अप्रिय स्थिति निर्मित होने की आशंका जताई जा रही है। भाजपा के अजयगढ़ मण्डल के उपाध्यक्ष सैय्यद उजैफ अहमद ने बताया कि इस प्रकरण को क्षेत्रीय विधायक एवं खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने गंभीरता से लेते हुए दूरभाष पर एसडीओपी अजयगढ़ को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश 17 अगस्त को दिए थे। मगर, कार्रवाई करना तो दूर एडीओपी अजयगढ़ ने आज तक बरौली जाकर विवादित रास्ता निर्माण का निरीक्षण तक नहीं किया। और साहब को शिकायतकर्ता ग्रामीणों से बात करने की फुर्सत भी नहीं मिली। मंत्री के निर्देश देने के बाद भी इतने संवेदनशील मसले पर जिम्मेदार पुलिस अधिकारी के द्वारा उदासीनता बरतना कई सवाल खड़े करता है।

बंदूकधारियों को लेकर आता है खनन कारोबारी

रास्ते के निर्माण को लेकर उपजे विवाद का समाधान निकालने के लिए आपस में बातचीत करते हुए शिकायत कर्ता और रेत कारोबारी सोनू शर्मा।
बरौली ग्राम में खेतों को रेत खदान संचालित करने के मामले में उत्तर प्रदेश के खनन कारोबारी सोनू शर्मा का नाम आ रहा है। उत्तर प्रदेश की सीमा से चौतरफा घिरे बरौली गांव में दो किसानों बैजनाथ साहू व सना उल्ला से अनुबंध के आधार पर सोनू के द्वारा उनके खेतों से रेत का खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सोनू शर्मा जब भी बरौली आता है तो वह अपने साथ बंदूकधारियों को लाता है। जिससे गांव में भय और दहशत का माहौल निर्मित है। रेत के वाहनों की निकासी को लेकर हद दर्जे की मनमानी पर उतारू इस दबंग कारोबारी के द्वारा विवादित रास्ते का निर्माण कराने के दौरान मशीन की ठोकर लगने से बरौली में हैवी विधुत लाइन का एक पोल भी टूट गया था।
चिंताजनक बात यह है कि अजयगढ़ थाना प्रभारी एवं निरीक्षक अरविंद कुजूर के द्वारा मना करने के बाद भी रेत कारोबारी के द्वारा दबंगई दिखाते हुए कब्रिस्तान से होकर रास्ते का दोबारा निर्माण कराने की कोशिश की गई। जिस पर ग्रामीणों के एतराज़ करने से वह बौखला उठा। ग्रामीणों का आरोप है कि, मोबाइल फोन पर बात करते हुए सोनू शर्मा के द्वारा कथित तौर पर समुदाय विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणी करते हुए सबको काट डालने धमकी दी गई। इस घटनाक्रम के बाद से ही तनाव पूर्ण स्थिति बनीं है। ग्रामीणों ने अपनी शिकायत में धमकी देने के आरोप से जुड़े जिस ऑडियो का उल्लेख किया है, रडार न्यूज़ उसकी प्रमाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सकता है।

गुंडा टैक्स और पार्टनरशिप के लिए बना रहे दवाब

पहली बार रास्ते के निर्माण के दौरान ग्रामीणों के द्वारा आपत्ति जताने पर अजयगढ़ थाना प्रभारी अरविंद कुजूर ने मौके का मुआयना किया था।
बरौली के ग्रामीणों की शिकायत और आरोपों के संबंध में खनन कारोबारी सोनू शर्मा से उनका पक्ष जानने के लिए मोबाइल फोन पर बात की गई तो उसने मामले को दवाब बनाकर रेत के वाहनों की निकासी पर गुण्डा टैक्स या फिर पार्टनरशिप हांसिल करने की साजिश करार दिया। सोनू ने अपनी सफाई में बताया, बरौली पार्टीबंदी वाला गांव है, वहां 2-3 गुट हैं। एक गुट से जुड़े इमरान भाई, भाजपा नेता उजैफ अहमद, मोहसिन भाई एवं कुछ अन्य लोगों ने पिछले कई दिनों से मुझे मानसिक तौर पर काफी परेशान कर रखा है। खनन कारोबारी का आरोप है, मेरे काम में अड़ंगे लगाकर इन लोगों के द्वारा रुपयों का निवेश किये बगैर 10 से 20 प्रतिशत की पार्टनरशिप की मांग की जा रही है या फिर प्रति रेत वाहन की निकासी पर 1500/-(डेढ़ हजार) रुपए बतौर गुण्डा टैक्स देने की डिमांड करते हैं। मेरे इंकार करने पर उक्त लोगों के द्वारा छोटी-छोटी बातों को तूल देकर प्रस्तुत करते हुए असत्य और आधारहीन शिकायतें की जा रहीं है।
सोनू का आरोप है, बरौली के कुछ लोगों को उसने रुपए भी उधार दिए थे, जिन्हे वापस मांगने पर वे बुराई मानते हुए उन्हीं लगों के साथ मिलकर मुझे बदनाम और परेशान करने के लिए तरह-तरह हथकण्डे अपना रहे हैं। उन लोगों के द्वारा मेरे खिलाफ बातचीत का जो ऑडियो पेश किया गया है, उसमें काफी छेड़छाड़ की गई है। मेरी भावना किसी समाज विशेष के खिलाफ बिल्कुल भी नहीं हैं, इसलिए बरौली के बहुत सारे लोग मेरे साथ खड़े हैं। अजयगढ़ थाना प्रभारी को भी पूरी सच्चाई पता है। जो व्यक्ति उधार लिए गए मेरे रुपए वापस नहीं लौटा रहे हैं, उनके खिलाफ लिखित शिकायत फरवरी माह में अजयगढ़ थाना में की थी। जिसकी वे लोग बुराई मानते हैं।
खनन कारोबारी सोनू ने बताया, बरौली ग्राम में संचालित रेत खदानों में मैंने काफी पूँजी लगा रखी है, अब कोई बेवजह रोज-रोज रुपयों के लिए परेशान करे तो गुस्सा तो आता है। लेकिन फिर भी मैं शांतिप्रिय व्यक्ति हूँ और हार्ट का मरीज हूँ, मैं तो सिर्फ अपना काम करना चाहता हूँ मैं यहां किसी से विवाद करने के लिए नहीं आया।

इनका कहना है –

“बरौली के ग्रामीणों की शिकायत की जांच एसडीओपी अजयगढ़ को सौंपी थी, इस मामले में उनके द्वारा क्या कार्रवाई की गई जानकरी प्राप्त करने के बाद ही बता पाऊंगा। प्रकरण की निष्पक्षता से जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी।”

–  धर्मराज सिंह मीना, पुलिस अधीक्षक, जिला पन्ना।