न्यायालय का फैसला : पत्नी के हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा, जुर्माना भी लगाया

0
649
जिला एवं सत्र न्यायालय पन्ना। (फाइल फोटो)

*   दीवार पर सिर मारकर और पत्थर से हमला करके बड़ी ही बेरहमी से की थी हत्या

*   चिन्हित, जघन्‍य एवं सनसनीखेज प्रकरण में सत्र न्‍यायाधीश पन्‍ना ने सुनाया फैसला

पन्ना।(www.radanews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के गुनौर थाना के ग्राम हिनौती निवासी पप्‍पू उर्फ रमाकांत सिंह राजपूत 35 वर्ष को सत्र न्‍यायाधीश पन्‍ना ने पत्नी की हत्या का दोषी का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही न्यायालय में अर्थदण्ड से भी दण्डित किया है। पप्‍पू उर्फ रमाकांत ने पिछले साल वर्ष 2020 में अपनी पत्नी की निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी थी। इस हत्याकाण्ड को सनसनीखेज और जघन्य प्रकरण के तौर पर चिन्हित किया गया था।
सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी, कपिल व्‍यास ने अभियोजन के मामले की जानकारी देते हुए बताया कि थाना गुनौर के ग्राम हिनौती निवासी पप्‍पू उर्फ रमाकांत सिंह राजपूत 35 वर्ष ने दिनांक 25 जनवरी 2020 को पत्नी केशबाई राजपूत का सिर दीवार पर मारकर और पत्थर से हमला कर उसे जान से मार डाला था। इस वारदात की रिपोर्ट गोविंद सिंह राजपूत निवासी हिनौती ने दर्ज कराई थी। गोविंद सिंह हत्या की वारदात का प्रत्यक्ष्यदर्शी है और मृतिका केशबाई उसकी बुआ की लड़की थी।
पुलिस को दिए गए लिखित आवेदन पत्र में गोविंद सिंह राजपूत ने उल्लेख किया है, वह दिनांक 25 जनवरी 2020 को अपने दोस्‍त राजकरन पटेल के घर पर रात्रि में रूका था। उसके घर के बगल में मेरी बुआ की लड़की केशबाई रहती थी। रात्रि में मुझे केशबाई के घर से शोरगुल की आवाज सुनाई दी, केशबाई के घर जाकर देखा तो, केशबाई का पति रमाकांत उसे पकड़कर दीवार पर सिर मार रहा था और गला पकड़े हुए था। उसने पास में रखा बड़ा पत्‍थर जगह जगह मारा जिससे केशबाई के सिर से निकला खून फर्श पर फैल गया। केशबाई को बेरहमी से मारते वक्‍त पप्पू उर्फ़ रमाकांत कह रहा था कि, तुझे मेरे बाप की सम्‍पत्ति देता हूँ।
रमाकांत के पिता रामस्‍वरूप ने डायल 100 व 108 को सूचना दी जिसके बाद केशबाई को अस्‍पताल ले जाया गया, जहां डाक्‍टर द्वारा उसे मृत घोषित कर दिया गया। गुनौर थाना पुलिस ने इस मामले में पप्‍पू उर्फ रमाकांत सिंह राजपूत के विरुद्ध अपराध क्रमांक 13/20 धारा 302, 323 भारतीय दण्ड विधान के तहत मुकदमा दर्ज किया था। घटना की विवेचना पूर्ण करने पर पुलिस के द्वारा न्‍यायालय के समक्ष अभियोग-पत्र प्रस्‍तुत किया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुये, इसे शासन के द्वारा चिन्हित, जघन्‍य एवं सनसनीखेज प्रकरण के रूप में चिन्हित किया गया।
सांकेतिक फोटो।
इस मामले में शासन की ओर से पैरवी करते हुये अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी,पन्‍ना प्रवीण कुमार सिंह के द्वारा अभियोजन साक्षियों को बिन्‍दुवार तरीके से न्‍यायालय के समक्ष अभिलिखित कराकर आरोपी के विरूद्ध अपराध संदेह से परे प्रमाणित किया गया तथा आरोपी के किए गए कृत्‍य को गंभीरतम श्रेणी का अपराध मानते हुये अधिक से अधिक दण्ड से दंडित किये जाने का निवेदन किया। न्‍यायालय द्वारा अभिलेख पर आये साक्ष्‍यों, अभियोजन के तर्को तथा न्‍यायिक-दृष्‍टांतो से सहमत होते हुए अभियुक्‍त पप्‍पू उर्फ रमाकांत सिंह राजपूत पिता रामस्‍वरूप सिंह राजपूत, 35 वर्ष, निवासी ग्राम हिनौती, थाना गुनौर जिला पन्‍ना को धारा 302 भादवि में दोषी मानते हुये आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 2 हजार रूपये के अर्थदण्‍ड से भी दंडित किया है।