हाथी के हमले में मृत कर्तव्यनिष्ठ रेन्जर को शहीद का दर्जा देने की उठी मांग, रेन्जर एसोसिएशन एवं वन कर्मचारी संघ ने ज्ञापन सौंपा

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सीसीएफ छतरपुर को ज्ञापन सौंपते हुए वृत्त के सभी जिलों के रेन्जर्स एसोसिएशन एवं वन कर्मचारी संघ के पदाधिकारी।

* छतरपुर वृत्त के पदाधिकारियों ने सीसीएफ से की चर्चा

* बाघों की सुरक्षा में शहीद हुए थे पन्ना टाइगर रिजर्व के हिनौता रेन्जर

शादिक खान, पन्ना/छतरपुर।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में पिछले दिनों बाघिन की सर्चिंग के दौरान अचानक गुस्साए हाथी के हमले में हिनौता रेन्जर बी. आर. भगत के असामयिक निधन से समूचा वन परिवार अत्यंत ही दुखी है। कर्तव्य के निर्वहन के दौरान दर्दनाक हादसे में मृत रेन्जर को शहीद का दर्जा देने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा एवं संरक्षण के खातिर आखिरी सांस तक समर्पित रहे बेहद कर्मठ और ईमानदार छवि वाले रेन्जर को शहीद का दर्जा दिलाने के लिए प्रदेश के छतरपुर वृत्त अंतर्गत आने वाले तीन जिलों-पन्ना, छतरपुर एवं टीकमगढ़ के स्टेट फॉरेस्ट रेंज ऑफीसर्स एसोसिएशन एवं वन कर्मचारी संघ के अध्यक्षों द्वारा क्रमश: दोनों संगठनों के संभागीय अध्यक्ष आर.एस. पटेल और सतीश पटैरिया के संयुक्त नेतृत्व में सीसीएफ छतरपुर आर. पी. राय को दो ज्ञापन सौंपे गए। ज्ञापन के माध्यम से विशेष अनुग्रह राशि 10 लाख रुपये के स्थान पर संशोधित कर 25 लाख रुपये कराये जाने एवं छतरपुर वृत्त के समस्त वन अधिकारियों-कर्मचारियों का एक दिन का वेतन सहयोग स्वरुप स्व. श्री भगत की पत्नी को दिए जाने के आदेश जारी करने की मांग की है।
हाथी के हमले में मृत रेन्जर बी.आर. भगत को शहीद का दर्जा देने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपने के बाद बाहर आते रेन्जर्स एवं वन कर्मचारी।
इन मांगों के सम्बंध में सोमवार 17 अगस्त को ज्ञापन सौंपने के दौरान सीसीएफ से बिन्दुवार विस्तृत चर्चा भी की गई। इस दौरान श्री राय ने बताया कि प्रदेश के वन मंत्री विजय शाह को सम्पूर्ण घटनाक्रम की जानकारी देते हुए उन्हें विभागीय कर्मचारियों-अधिकारियों की भावनाओं से अवगत कराया गया है। सीसीएफ ने उम्मीद जताई है कि कर्तव्य के निर्वहन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले रेन्ज ऑफीसर को शहीद का दर्जा दिए जाने सम्बंधी न्यायोचित मांग पर शासन स्तर पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए शीघ निर्णय लिया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में स्टेट फॉरेस्ट रेंज ऑफीसर्स एसोसिएशन के संभागीय अध्यक्ष आर.एस. पटेल, वन कर्मचारी संघ के संभागीय अध्यक्ष सतीश पटैरिया, रेन्जर्स एसोसिएशन अध्यक्ष पन्ना नवी अहमद खान, रेन्जर्स एसोसिएशन अध्यक्ष छतरपुर आर.बी. खरे, रेन्जर्स एसोसिएशन अध्यक्ष टीकमगढ़ महिपत सिंह राणा, वन कर्मचारी संघ अध्यक्ष पन्ना महीप कुमार रावत, वन कर्मचारी संघ अध्यक्ष छतरपुर रमेश प्रसाद मिश्रा, वन कर्मचारी संघ अध्यक्ष टीकमगढ़ दयाराम झा, शिवपाल सिंह बुन्देला, अशोक तिवारी, आशुतोष अग्निहोत्री आदि शामिल रहे।
उल्लेखनीय है कि बाघिन पी-433 की तलाश करने के दौरान शुक्रवार 14 अगस्त को दोपहर में हिनौता रेन्ज के गंगऊ क्षेत्र के जंगल में यह दिल दहला देने वाली घटना घटित हुई। जानकारी के मुताबिक हांथी रामबहादुर के ऊपर डिप्टी रेंजर अमर सिंह तथा महावत सवार थे। रेंजर बी.आर. भगत नीचे थे, वे जैसे ही हांथी के निकट पहुंचे और वायरलेस सेट डिप्टी रेन्जर अमर सिंह को देने लगे उसी समय न जाने क्यों अचानक हांथी भडक़ उठा और श्री भगत को गिराकर बाहर निकले दांतों से दबा दिया। जब तक महावत समझ पाता और हांथी को रोकने का प्रयास करता तब तक रेंजर श्री भगत मरणासन्न स्थिति में पहुँच चुके थे। आनन् फानन उनको नजदीकी मझगंवा स्थित स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहाँ चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। क्षेत्र संचालक श्री भदौरिया ने रेन्जर बी.आर. भगत के निधन पर गहरा दुःख प्रकट करते हुए बताया था कि वे विगत लगभग 7 वर्षों से हिनौता रेंज में पदस्थ थे। अपने दायित्वों के निर्वहन में हमेशा तत्पर रहने वाले श्री भगत की इस रेंज में तैनाती से हम निश्चिंत रहते थे, कभी किसी भी तरह की शिकायत हिनौता रेंज में नहीं मिली। ऐसे होनहार और कर्मठ रेंजर को दर्दनाक हादसे में खोने से हम सब बेहद दुखी हैं।

वन्य प्राणी संरक्षण के लिये थे समर्पित

रेन्जर बी. आर. भगत। (फाइल फोटो)
मूलतः छत्तीसगढ़ निवासी रेन्जर बी. आर. भगत अत्यधिक मिलनसार, विनम्र स्वभाव वाले और वन्य प्राणी संरक्षण कार्य के प्रति पूरी तरह से समर्पित थे। हमेशा टीम भावना से कार्य करने वाले श्री भगत अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से मित्रवत व्यवहार करते थे यही वजह है कि वे सबके चहेते रहे हैं। चुनौती पूर्ण समय में वे जंगल में एक श्रमिक की भांति काम में जुट जाते थे, रेंजर पद का अहंकार उनमें जरा भी नहीं था। पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों को आबाद कराने के साहसिक और चुनौती भरे अभियान में रेंजर श्री भगत की अहम् भूमिका रही है जिसे भुलाया नहीं जा सकता। ऐसे होनहार वन अधिकारी की ड्यूटी के दौरान हुई मौत ने यह साबित कर दिया है कि जंगल में अपने दायित्व का निर्वहन करने वाला वनकर्मी हो या अधिकारी हमेशा मौत उसके आसपास मंडराती रहती है।

निधन पर मुख्यमंत्री ने जताया था शोक

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पन्ना टाइगर रिज़र्व में हांथी के हमले से रेंजर बी. आर. भगत के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करते हुये उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की थी। श्री चौहान ने ट्वीट कर कहा था कि टाइगर ट्रेकिंग के दौरान हिनौता रेंज के रेंज आफीसर बी. आर. भगत की हांथी के हमले से हुए निधन की सूचना मिली थी। उन्होंने कर्तव्यों का पालन करते हुये अपने प्राण न्योछावर किये। मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ और ईश्वर से उनकी आत्मा को शांति प्रदान करने की कामना करता हूँ।

इनका कहना-

“शासन की और से 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का प्रावधान है, मुझे रेंजर्स एसोसिएशन के द्वारा पत्र प्राप्त हुआ है जिसमें उल्लेख है कि स्व. बी.आर. भगत को शहीद का दर्जा प्रदान करने तथा अनुग्रह राशि को 10 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपए करने की मांग की गई है, मेरे द्वारा इस तरह का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा।”

– आर.पी.राय, मुख्य वन संरक्षक, वनवृत्त छतरपुर।