कुख्यात आदतन अपराधी राघवेन्द्र सिंह का जिला बदर, एसपी के प्रतिवेदन पर जिला मजिस्ट्रेट ने की कार्रवाई

0
862
जिला मजिस्ट्रेट एवं पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा और बगल में खड़े पुलिस अधीक्षक पन्ना मयंक अवस्थी। (फाइल फोटो)
पन्ना।(www.radarnews.in) जिले के कुख्यात आदतन अपराधी एवं लिस्टेड बदमाश छोटे राजा उर्फ राघवेन्द्र सिंह पिता शंकर सिंह परमार निवासी ग्राम कुम्हारी थाना पवई को जिला बदर किया गया है। जिला मजिस्ट्रेट पन्ना कर्मवीर शर्मा ने जिला बदर के आदेश जारी किए हैं। यह महत्वपूर्ण कार्रवाई पन्ना पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन पर की गई है। ताकि छोटे राजा उर्फ़ राघवेन्द्र सिंह की आपराधिक प्रवृत्तियों एवं गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन अनुसार कुख्यात लिस्टेड बदमाश छोटे राजा उर्फ राघवेन्द्र सिंह पिता शंकर सिंह परमार निवासी ग्राम कुम्हारी थाना पवई जिला पन्ना विगत वर्ष 2001 से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होकर लोगो मारपीट, गुण्डागर्दी, धमकाकर एवं भय दिखाकर अवैध रूप से रूपयों की वसूली करना, अवैध अथियार रखना, हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण, लूट डकैती जैसे गंभीर अपराध कारित कर रहा है। जिससे आमजनता में काफी भय व्याप्त है। अनावेदक के विरूद्ध समय-समय पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर माननीय न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किए गए। अनावेदक के विरूद्ध आपराधिक प्रवृत्तियों एवं गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए समय-समय पर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही भी की गयी किन्तु अनावेदक की गतिविधियों में कोई सुधार नहीं आया है।
जिला मजिस्ट्रेट पन्ना कर्मवीर शर्मा ने मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 5 (क), (ख) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए छोटे राजा उर्फ राघवेन्द्र सिंह पिता शंकर सिंह परमार निवासी ग्राम कुम्हारी थाना पवई जिला पन्ना को जिला बदर के आदेश दिए हैं। आदेश तामीली होने के दिनांक से 5 घंटे के भीतर पन्ना जिले की सम्पूर्ण राजस्व सीमाओं तथा समीपवर्ती जिला दमोह, कटनी, छतरपुर, सतना एवं उत्तर प्रदेश के बांदा एवं चित्रकूट जिले की सीमाओं से 6 माह की अवधि के लिए बाहर रहने का निष्कासन आदेश पारित किया है।
उन्होंने निर्देश दिए है कि अनावेदक इस अवधि के लिए बाहर चला जाए तथा इस अवधि में न्यायालय की लिखित अनुमति के बिना इन जिलों में प्रवेश न करें। यदि अनावेदक के विरूद्ध कोई प्रकरण पन्ना जिले के किसी कोर्ट/दाण्डिक न्यायालय में चल रहा हो तो वह नियत पेशी पर न्यायालय में उपस्थित हो सकेगा परन्तु इसके पूर्व अनावेदक को थाना प्रभारी को लिखित सूचना देनी होगी तथा न्यायालय में पेशी होने के पश्चात इस न्यायालय के आदेश का पालन किया जाएगा। जिला बदर अवधि में आदेश का उल्लंघन करने पर अनावेदक के विरूद्ध मप्र राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 14 एवं 15 के अन्तर्गत कार्यवाही की जाएगी।