जनता कर्फ्यू : पाबंदियां बढ़ाकर लगाया टोटल लॉकडाउन, आज से किराना-फल-सब्जी दुकानें और होम डिलेवरी भी बंद

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फाइल फोटो

*   बंद रहेंगी दूध की दुकानें सिर्फ 4 घण्टे तक होम डिलेवरी की अनुमति

*   इमरजेंसी कार्य के आलावा व्यक्ति की आवाजाही पूर्ण प्रतिबंध लगाया

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर के कहर से बेकाबू होते हालात के मद्देनजर पन्ना जिले में कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव हेतु जनता कर्फ्यू के नाम पर 22 से 30 अप्रैल तक लगाए गए लॉकडाउन (जनता कर्फ्यू) को अब पहले से कहीं अधिक सख्त कर दिया गया है। जिला दण्डाधिकारी कार्यालय पन्ना से रविवार 25 अप्रैल की देर शाम संशोधित आदेश जारी कर जिले के अंदर जनता कर्फ्यू के दौरान फल-सब्जी-किराना-राशन की दुकानों और उक्त सामग्री की होम डिलेवरी को भी तत्काल प्रभाव से पूर्णतः बंद कर दिया है। इसके अलावा अन्य कई गतिविधियों को बी बंद किया गया है। पन्ना कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी संजय कुमार मिश्र ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अंतर्गत दिनांक 21 अप्रैल को जारी जनता कर्फ्यू के अपने आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए रविवार 25 अप्रैल को देर शाम संशोधित आदेश जारी किया है। इस आदेश में जनता कर्फ्यू के दौरान (30 अप्रैल तक) दूध की दुकानों को खोलने पर पूर्णतः पाबंदी लगा दी गई है। हालांकि दूध विक्रेताओं को इस अवधि में प्रतिदिन सुबह 7 बजे से दोपहर 11 बजे तक के लिए दूध की होम डिलेवरी करने की छूट दी गई है।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी पन्ना के द्वारा जारी जनता कर्फ्यू का संशोधित आदेश का प्रथम पृष्ठ।
जनता कर्फ्यू के दौरान ऑटो रिक्शा/ई रिक्शा/टैक्सी, को बंद किया गया है। इसके अलावा जिले के नगरीय निकाय क्षेत्रों में स्थित समस्त शासकीय-अशासकीय कार्यालयों, प्रतिष्ठानों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, पार्क, स्टेडियम, दुकानों एवं अन्य समस्त सार्वजानिक गतिविधियों को प्रतिबंधित किया गया है। अब सिर्फ इमरजेंसी कार्य के अतिरिक्त व्यक्ति की आवाजाही पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के द्वारा जारी इस आदेश का उल्लंघन आपदा अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 के प्रावधानों के अंतर्गत एवं भारतीय दण्ड संहिता की धारा 186 अंतर्गत दण्डनीय होगा। उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले में कोरोना संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम को लेकर 9 अप्रैल से लॉकडाउन जारी है। पूर्व में इसे कोरोना कर्फ्यू का नाम दिया गया अब जनता कर्फ्यू कहा जा रहा है। लॉकडाउन की अवधि और सख्ती (पाबंदी) बढ़ाए जाने के चलते पहले से ही परेशान जिले के गरीब एवं कमजोर तबके के लोगों की मुश्किलों में इजाफा होना तय है।