कोरोना के खिलाफ गरीब-मजदूर परिवारों की मदद के लिए आगे आए किन्नर, खाद्यान्न सामग्री वितरित कर महामारी से बचाव के लिए किया जागरूक

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पन्ना में पहाड़कोठी स्थित झुग्गी बस्ती के गरीबों को राशन सामग्री वितरित करतीं किन्नर रजनी एवं उनके सहयोगी।

* बधाई देकर लोगों ने हमेशा हमें खिलाया आज वे संकट में हैं इसलिए उनकी मदद करना हमारा फ़र्ज : रजनी किन्नर

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) कोरोना वायरस संक्रमण पूरी दुनिया में कहर बरपा रहा है। इस महामारी के रोकने के लिए 21 दिन के लिए देशव्यापी लॉकडाउन किया गया है। लॉकडाउन के चलते लोग अपने-अपने घरों में ही कैद हैं। तेजी से फैलने वाले कोरोना वायरस संक्रमण की चैन को तोड़ने के लिए लोगों से अपने घरों से बाहर न निकलने के लिए के लिए कहा जा रहा है। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में लॉकडाउन को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने सम्पूर्ण जिले में धारा-144 भी लागू कर रखी है। परिणामस्वरूप दैनिक मजदूरी पर आश्रित गरीब श्रमिक परिवारों के सामने दो जून की रोटी का संकट गहराने लगा। रोजाना मजदूरी करके अपना और परिवार का भरण-पोषण करने गरीब, आदिवासी, श्रमिक परिवारों का काम-धंधा कोविड-19 (कोरोना वायरस संक्रमण) रुपी भीषण आपदा के कारण ठप्प होने और घर पर ही रहने की मजबूरी के चलते कतार के आखिरी छोर पर खड़े इन परिवारों को भोजन के लाले पड़ गए हैं।
इस मुश्किल घड़ी में प्रशासन जहाँ अपने स्तर से लोगों के भोजन मुहैया करा रहा है वहीं जिले में कई संस्थायें और परोपकारी लोग जरुरतमंदों की मदद के लिए आगे आए हैं। इस पुनीत कार्य में पन्ना के किन्नर भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए मानवता की मिशाल कायम कर रहे हैं। पन्ना में किन्नरों द्वारा आज पहाड़कोठी की झुग्गी बस्ती में रहने वाले गरीब परिवारों के बीच पहुंचकर उन्हें खाद्यान्न सामग्री वितरित की गई। लोगों से विभिन्न शुभ अवसरों पर नैंग (बधाई) लेकर अपना गुजारा करने वाले किन्नरों के गरीब-जरूरतमंद परिवारों की मदद करते हुए फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इनकी दरियादिली की जहाँ चौतरफा सराहना हो रही है वहीं इससे दूसरों को प्रेरणा भी मिल रही है।
रविवार 29 मार्च को दोपहर के समय किन्नर रजनी अपने सहयोगियों के साथ दो हाथ ठेला में किराना सामग्री लेकर झुग्गी बस्ती पहाड़कोठी पहुंची। जहाँ उनके द्वारा गरीब-जरूरतमंद परिवारों की मदद करते हुए उन्हें चावल, दाल, आटा, तेल, नमक, साबुन आदि खाद्य सामग्री वितरित की गई। लॉकडाउन के चलते परेशान गरीब परिवारों को जब खाद्य सामग्री मिली तो उनके चेहरे ख़ुशी से खिल उठे। हमेशा दूसरों को दुआयें देने वाले किन्नरों को आज आमलोगों ने दिल से दुआ देते हुए उन्हें सच्चा हमदर्द और परोपकारी बताया। किन्नरों के द्वारा दी गई मदद गरीब परिवारों के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।

सतर्कता बरतने की दी सलाह

सांकेतिक फोटो।
शहर के किन्नरों के द्वारा गरीबों को राशन सामग्री वितरित कर उनकी मदद करने के साथ-साथ उन्हें नोवल कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव हेतु जागरूक भी किया गया। किन्नरों ने कोविड-19 बीमारी से बचाव के लिए लोगों से अपने घरों में रहकर सामाजिक दूरी कायम रखने की सलाह दी ताकि खतरनाक कोरोना वायरस संक्रमण की चैन को तोड़ा जा सके। लोगों को मास्क लगाने, दिन में कई बार साबुन से अच्छी तरह अपने हाँथ धोने, घरों में साफ़-सफाई रखने, अति आवश्यक कार्य होने पर परिवार के किसी एक सदस्य को सीमित समय के लिए मॉस्क लगाकर घर से बाहर निकलने, अपने हाथ से नाक-मुँह और चेहरे को न छूने, शासन-प्रशासन के निर्देशों का पालन करने, खाँसते-छींकते समय कोहनी या रूमाल लगाने, लोगों से दूर से बात करने, बुजुर्गों एवं बच्चों को घर से बाहर निकलने न देने की सलाह दी गई। किन्नरों ने बताया कि लॉकडाउन से थोड़ी परेशानी जरूर है लेकिन इसका सही तरीके पालन करते हुए अपने घरों में रहकर ही हम इस वैश्विक महामारी के प्रकोप से खुद का बचाव कर सकते हैं।

गुरु ने दिखाया था रास्ता

किन्नर रजनी।
किन्नर रजनी ने बताया कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा उन्हें अपने गुरु हमीद से मिली। करीब 4-5 पूर्व पन्ना के धरमसागर तालाब का जनभागीदारी से गहरीकरण कार्य कराया गया था। उस समय किंन्नर गुरु हमीद ने जल संरक्षण एवं संवर्धन के इस कार्य में अपनी ओर आर्थिक सहयोग दिया था। रजनी ने कहा कि गुरु के दिखाए गए सामाजिक सरोकार एवं सेवाभाव के रास्ते पर चलने के लिए आज उन्होंने किराना दुकान से पहले राशन सामग्री खरीदी और फिर झुग्गी बस्ती के गरीब जरूरतमंद परिवारों में उसे वितरित किया। लॉकडाउन से बेहाल परिवारों के प्रति सहानुभूति जताते हुए किन्नर रजनी ने कहा कि इन लोगों ने बधाई (नेंग) देकर हमेशा हमें खिलाया है, आज जब ये संकट में हैं तो उनकी मदद करना हमारा भी फर्ज बनता है। क्योंकि कल यही लोग तो फिर से हमें ख़ुशी-ख़ुशी बधाई देंगे।