पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अज्ञात वाहन की ठोकर से तेंदुए की मौत

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सड़क हादसे में मृत नर तेंदुए का शव।

*  सड़क हादसों में असमय काल कवलित हो रहे वन्यजीव

*  बेजुबान वन्यजीवों की जान ले रही वाहनों की तेज रफ़्तार

*  पूर्व में युवा बाघिन की सड़क हादसे में हुई थी दर्दनाक मौत

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में वाहनों की तेज़ रफ़्तार बेजुबान वन्यजीवों की मौत का सबब बन रही है। यहां आए दिन होने वाले सड़क हादसों में वन्यजीव लगातार असमय काल कवलित हो रहे हैं। लगभग चार माह पूर्व अज्ञात वाहन की ठोकर से युवा बाघिन का दर्दनाक दुखांत होने की घटना को लोग अभी भूले भी नहीं थे कि इस बीच गुरुवार 11 मार्च को एक अन्य सड़क हादसे में नर तेंदुए की मौत होने का मामला प्रकाश में आया है। घटना पन्ना टाइगर रिजर्व से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-39 में पन्ना-छतरपुर मार्ग की है। वन परीक्षेत्र मंडला की बीट खिला चौकी के समीप घटित इस घटना पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ वन अपराध कायम कर प्रकरण की जांच की जा रही है। उल्लेखनीय है कि, बाघिन की मौत के मामले में अज्ञात वाहन एवं आरोपी चालक का सुराग लगाकर उसे गिरफ्तार करने में अब तक नाकाम साबित हुआ पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन तेंदुए की मौत का खुलासा कर पाता है या नहीं यह देखना काफी महत्वपूर्ण होगा।
सड़क हादसे के संबंध में क्षेत्र संचालक पन्ना टाइगर रिजर्व उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि मृत नर तेंदुआ की उम्र लगभग 13 वर्ष है। सड़क पर तेंदुए की मौत होने के बाद वन्यजीव उसके शव को वन क्षेत्र में घसीट ले गए थे। पार्क के गश्ती दल को गुरुवार को जब तेंदुए शव दिखा तो उनके द्वारा तुरंत इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। घटना का पता चलते ही उपसंचालक पन्ना टाइगर रिजर्व, सहायक संचालक मंडला, वन्य प्राणी चिकित्सक व परिक्षेत्र अधिकारी मड़ला मौके पर पहुंचे। वन्य प्राणी चिकित्सक द्वारा मृत तेंदुए का पोस्टमार्टम किया गया। तत्पश्चात मुख्य वन संरक्षक वृत्त छतरपुर सहित अन्य वन अधिकारियों की मौजूदगी में तेंदुए का दाह संस्कार कर दिया गया है।
मालूम होकि, पन्ना जिले में सड़क हादसों में वन्यजीवों की मौत के सर्वाधिक मामले पन्ना-छतरपुर, पन्ना-अमानगंज एवं पन्ना-अजयगढ़ मार्ग पर सामने आते हैं। कयोंकि इन मार्गों के दोनों तरफ दूर तक घना जंगल स्थित है और इन पर हैवी वाहनों का ट्राफिक भी अधिक रहता है। पूर्व में बाघिन की मौत भी पन्ना-अमानगंज मार्ग पर अकोला के समीप स्थित नाला की पुलिया पर हुई थी। सड़क घटनाओं में वन्य प्राणियों की मौत की चिंताजनक रूप से बढ़ती घटनाओं के मद्देनज़र पार्क प्रबंधन को इनकी रोकथाम हेतु आवश्यक उपाए करने की तरफ गंभीरता पूर्वक ध्यान देने की जरुरत है।