MP | मासूम बच्ची से दुष्कर्म की अफवाह के बाद फैली हिंसा, सांप्रदायिक तनाव

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*  पन्ना जिले के अमानगंज में पुलिस की अकर्मण्यता के चलते असामाजिक तत्वों ने मचाया बवाल

*   दोनों पक्षों के बीच जमकर हुआ पथराव, आगजनी की घटना भी सामने आई

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिला अंतर्गत अमानगंज क़स्बा में रविवार को एक मासूम बच्ची से दुष्कर्म की अफवाह के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थानीय थाना के सामने आक्रोशित भीड़ और असामाजिक तत्वों ने एकत्र होकर तिराहा पर चक्का जाम कर आवागमन पूर्णतः अवरुद्ध कर दिया। समय पर स्थिति को संभालने में पुलिस के निकम्मेपन के चलते उग्र भीड़ ने कथित आरोपी बच्चे के घर के सामने पहुंचकर आपत्तिजनक नोरबाजी शुरू कर दी। इस दौरान देखते ही देखते दोनों तरफ से जमकर पथराव होने लगा। उपद्रवियों की भीड़ के द्वारा बवाल मचाते हुए तोड़फोड़ करने और आगजनी की घटना भी सामने आई है। पथराव में कुछ लोगों के घायल होने की खबर मिली है। देर रात किसी तरह बमुश्किल हालात पर काबू पाया जा सका।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अमानगंज क़स्बा में रहने वाली चार वर्षीय मासूम बच्ची को कथित तौर पर उसके पड़ोस में ही रहने वाले समाज विशेष के 11 वर्षीय बालक के द्वारा क़स्बा के बाहरी इलाके मिढ़ासन नदी के चकदही घाट पर ले जाकर दुष्कर्म करने की अफवाह फ़ैल गई। जिससे उपजे तनाव के बीच अमानगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में मासूम का मेडीकल परीक्षण कराया गया। बच्ची के चिकित्सीय परीक्षण और प्रत्यक्षदर्शी युवक के बयान से यह साफ़ हो गया कि बच्ची के साथ रेप होने की बात पूरी तरह असत्य और निराधार है। पुलिस की तस्दीक में पता चला कि बच्ची को किसी ने अगवा नहीं किया था बल्कि वह खेलते-खेलते हुए नदी तक पहुँच गई थी। वहीं मामले से संबंधित दोनों परिवारों के बीच पूर्व से विवाद होने की चर्चायें भी सामने आई।
फाइल फोटो।
इस बीच रविवार 24 अक्टूबर की देर शाम थाना के सामने एकत्र भीड़ ने कथित तौर पर बालक को गिरफ्तार करने और उसके विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने की मांग को लेकर हंगामा करते हुए चक्का जाम शुरू कर दिया। कुछ देर बाद आक्रोशित भीड़ और असमाजिक तत्व पैदल मार्च करते हुए बालक के घर के सामने पहुंचकर उग्र नारेबाजी करने लगे। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया।
इस बवाल के दौरान उपद्रवियों के द्वारा तोड़फोड़ और आगजनी करने की घटना भी सामने आई है। सांप्रदायिक तनाव और हिंसा को बेकाबू होते देख कथित तौर पर पुलिस को हल्का बल भी प्रयोग करना पड़ा। तब कहीं जाकर किसी तरह हालात काबू में किये गये लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। इस घटनाक्रम के बाद से ही अमानगंज क़स्बा पुलिस छावनी में तब्दील है। एहतियात के तौर पर धार्मिक स्थलों सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है।
हिंसा की घटना के चलते अगले दिन सोमवार 25 अक्टूबर को अमानगंज क़स्बा की अधिकाँश दुकानें बंद रहीं। फिलहाल वहां शांति है और स्थिति सामान्य है लेकिन तनाव अभी भी बरक़रार है। पन्ना जिले के पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना ने बताया कि अमानगंज के बाद बच्ची का पन्ना जिला चिकित्सालय में भी मेडीकल परीक्षण कराया गया उसमें भी रेप होना नहीं पाया गया। आपने बताया अफवाह फैलाकर जन भावनाएं भड़काने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने अमानगंज में पूर्णतः शांति और स्थिति सामान्य होने का दावा किया है। उल्लेखनीय है कि पन्ना जिले के गुनौर अनुविभाग अंतर्गत महज छह माह के अंदर सांप्रदायिक तनाव और हिंसा की यह दूसरी बड़ी वारदात है। इसके पूर्व गुनौर में धार्मिक स्थलों को निशाना बनाते हुए तोड़फोड़ की गई थी।