एसडीएम ने अनाज़ मण्डी की 5 दुकानों को किया सील, अनुबंध के विपरीत सामग्री रखी मिलने पर की गई कार्रवाई

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रविवारीय बाजार की बैठक व्यवस्था बनाने अनाज व्यापारियों ने की मांग

* साप्ताहिक बाजार में सबके लिए उचित स्थान आरक्षित करना प्रशासन के लिए चुनौती

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) कृषि उपज मण्डी समिति पन्ना के प्रथम प्रांगण (गल्ला मण्डी) अजयगढ़ चौराहा में स्थित दुकानों के दुरूपयोग की सूचना मिलने पर मंगलवार को पन्ना एसडीएम शेर सिंह मीणा (आईएएस) ने मण्डी की दुकानों का निरीक्षण करने के उपरांत पांच दुकानों को सील करा दिया। दुकानों में अनुबंध के विपरीत सामग्री रखी पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से यह कार्रवाई की गई है। प्रथम दृष्टया नियम-शर्तों के उल्लंघन के दोषी पाए गए अनाज व्यापारियों में एसडीएम के इस सख़्त कदम से ख़ासा हड़कंप मचा है। उल्लेखनीय है कि गल्ला मण्डी परिसर में अनाज की सुविधाजनक तरीके से बिक्री एवं भंडारण हेतु वहाँ निर्मित दुकानें लाइसेंसधारी अनाज व्यापारियों को नीलाम की गई हैं। लेकिन कतिपय अनाज व्यापारियों ने आर्थिक लाभ के चक्कर में अपनी दुकानों को दूसरे व्यापारियों को किराए पर दे दिया। फलस्वरूप इन दुकानों में अनुबंध शर्तों के विपरीत सामग्री भण्डारित की गई है।
गल्ला मण्डी की दुकानों के दुरूपयोग की सूचना मिलने मंगलवार 28 अक्टूबर को पन्ना एसडीएम शेर सिंह मीणा (आईएएस) द्वारा दलबल के साथ मण्डी परिसर की दुकानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान अनाज व्यापारी चंदन सिंह पुत्र स्व. स्वामी प्रसाद राय को आवंटित दुकान क्रमांक- 5 एवं 9 में फर्नीचर, नीरज कुमार जैन की दुकान क्रमांक- 18, धीरज कुमार जैन की दुकान क्रमाँक- 20 में सीमेन्ट एवं व्यापारी रामकृपाल जड़िया को आवंटित दुकान क्रमांक- 22 छुही रखी पाई गई। नियम-कानूनों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में सख़्त कार्रवाई करने के लिए चर्चित युवा आईएएस अधिकारी शेर सिंह मीणा ने तत्काल प्रभाव से मण्डी की उक्त पांच दुकानों को सील करा दिया।
कार्रवाई के दौरान भाजपा नेता राजेश गौतम मौके पर पहुंचे और उन्होंने दुकानों को सील करने जैसी सख्त कार्रवाई न कर व्यापारियों की पहली गलती के लिए संबंधितों को चेतावनी देकर छोड़ने का अनुरोध किया लेकिन एसडीएम इसके लिए राजी नहीं हुए। श्री मीणा ने कहा कि इस मामले मण्डी अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार अग्रिम कार्रवाई की जायेगी। दुकानों को सील करने की कार्रवाई में नजूल तहसीलदार पन्ना प्रेम नारायण सिंह, मण्डी सचिव पन्ना राजकुमार दिवेदी, सहायक उप निरीक्षक मण्डी नेहा सिंह राजपूत, अनाज व्यापारीगण, पन्ना मण्डी एवं विभाग के राजस्व कर्मचारी शामिल रहे।
गौरतलब हो कि, गल्ला मण्डी परिसर में दुकानों के सामने ही कृषि उपज मण्डी समिति पन्ना का कार्यालय स्थित है। मण्डी की दुकानों में अनुबंध के विपरीत सामग्री लंबे समय से भण्डारित होने के खुलासे के बाद मण्डी सचिव की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मण्डी परिसर में इस तरह की आपत्तिजनक गतिविधि बगैर मण्डी सचिव और स्थानीय अमले की मूक सहमति के क्या संभव है ? इसलिए पूरे मामले में यह भी देखा जाना जरूरी है कि अनाज व्यापारियों के द्वारा अपनी दुकानों को दूसरों को किराए पर देने अथवा अनुबंध के विपरीत उनमें सामग्री रखे जाने पर उसे रोकने के लिए मण्डी सचिव के स्तर पर अब तक क्या कार्रवाई की गई ?

अनाज व्यापारियों ने परेड ग्राउण्ड में मांगा स्थान

इधर, शहर के अनाज व्यापारियों के प्रतिनिधि मण्डल ने मंगलवार को एसडीएम शेर सिंह मीणा (आईएएस) से मुलाक़ात कर उनसे पन्ना मण्डी के दिव्तीय प्रांगण परेड ग्राउण्ड (नवनिर्मित फल-सब्जी मण्डी) में साप्ताहिक रविवारीय बाजार के दिन अपनी दुकानें लगाने के लिए स्थान आवंटित/आरक्षित करने की मांग की है। अनाज व्यापारियों ने बताया कि कोरोना माहामारी के चलते रविवार के दिन पन्ना में लगने वाले साप्ताहिक बाजार पर रोक लगाने के पूर्व वे सभी लोग परेड ग्राउण्ड के पुराने शेड के नीचे और आसपास अपनी दाल-चावल-अनाज की दुकानें कई दशकों से लगाते रहे हैं। लेकिन उक्त ग्राउण्ड पर नवनिर्मित फल-सब्जी मण्डी का लोकार्पण होने तथा दिनांक 25 अक्टूबर से रविवार के दिन साप्ताहिक बाजार लगाने की प्रशासन के द्वारा अनुमति दिए जाने के पश्चात शहर के फल-सब्जी विक्रेता वहाँ अनाज की दुकानें लगाने का विरोध कर रहे हैं। इससे दोनों पक्षों के बीच तनाव और विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है।
फल-सब्जी विक्रेताओं की दलील है कि, परेड ग्राउण्ड में अब चूँकि फल-सब्जी मण्डी आकार ले चुकी है इसलिए वहाँ सिर्फ फल-सब्जी की दुकानें ही लगनी चाहिए। इसके अलावा साप्ताहिक बाजार के लिए प्रशासन अब जहां भी स्थान चयनित/निर्धारित करता है वहाँ सभी दुकानें (बाजार) लगे इस पर वे राजी हैं। जबकि अनाज व्यापारियों का कहना रविवार को साप्ताहिक बाजार परेड ग्राउण्ड में लगने की सूरत में उनके लिए पूर्व की तरह सिर्फ एक दिन शेड के नीचे अपनी दुकान लगाने के लिए स्थान आवंटित/आरक्षित किया जाए। उल्लेखनीय है कि नगरवासियों एवं व्यापारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए साप्ताहिक बाजार को व्यवस्थित तरीके शहर के अंदर पुनः लगवाने और सभी छोटे-बड़े सभी व्यापरियों को वहाँ उचित स्थान प्रदान करने के जटिल मुद्दे का सर्वमान्य हल निकालना प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। दरअसल, मौजूदा हालात को देखते हुए प्रशासन ने यदि शीघ्र ही मामले का निपटारा नहीं किया तो विवाद बढ़ने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।