एसडीएम और एसडीओपी पर गोलियां चलाने वाले कुख्यात बदमाश कुबेर सिंह को दस वर्ष का सश्रम कारावास

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जिला एवं सत्र न्यायालय पन्ना का फाइल फोटो।

* चाँदीपाठी फायरिंग मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश पन्ना ने सुनाया फैसला

* छतरपुर जिले की हर्रई खदान से रेत के परिवहन के लिए केन नदी के प्रवाह को रोककर बनाया गया था रपटा

* अवैध रपटा को तोड़ने के दौरान बदमाशों ने राजस्व और पुलिस टीम पर गोलियां चलाकर किया था हमला

* प्रकरण के पांच आरोपियों का न्यायालय ने करीब दस माह पूर्व सुनाया था फैसला

* मुख्य अभियुक्त कुबेर सिंह की गिरफ्तारी के बाद न्यायालय ने आज घोषित किया निर्णय

पन्ना।(www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना अंतर्गत चाँदीपाठी में लगभग 8 वर्ष पूर्व राजस्व और पुलिस टीम पर की गई फायरिंग के बहुचर्चित प्रकरण में मुख्य अभियुक्त पर सुरक्षित रखे निर्णय को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश पन्ना अनुराग द्विवेदी ने आज घोषित करते हुए कुख्यात बदमाश कुबेर सिंह को हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में दोषी मानकर 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अभियुक्त कुबेर सिंह पिता हिम्मत सिंह ठाकुर 34 वर्ष निवासी ग्राम बंसिया जिला छतरपुर को चार हजार रुपए के अर्थदण्ड से भी दण्डित किया है।
न्यायालय द्वारा पारित निर्णय के संबंध में अपर लोक अभियोजक काजी रुकनुद्दीन ने जानकारी देते हुए बताया कि अभियोजन पक्ष के अनुसार जगदीश प्रसाद तिवारी राजस्व निरीक्षक अजयगढ़ ने दिनांक 10 मार्च 2012 को अजयगढ़ थाना में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि चाँदीपाठी में केन नदी के प्रवाह को रोककर अवैध रूप से रपटा बनाए जाने की शिकायत मिली थी। जिस पर कार्रवाई करने के लिए दिनांक 10 मार्च 2012 को दोपहर लगभग 2 बजे तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अजयगढ़ नाथूराम गौंड़, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस अजयगढ़ जगन्नाथ मरकाम, थाना प्रभारी अजयगढ़ मोहम्मद असलम, राजस्व निरीक्षक जगदीश प्रसाद तिवारी, पटवारी संतोष सिंह, प्यारे सिंह, राममिलन प्रजापति आरक्षक चालाक हेतराम, आरक्षक हरीराम, संतोष तोमर एवं आरक्षक संतोष तिवारी मौके पर पहुंचे।
सांकेतिक फोटो।
जहां पर यह पता चला कि अवैध रपटा का निर्माण केन नदी के दूसरे किनारे पर स्थित छतरपुर जिले की हर्रई खदान के संचालक शिवशरण मिश्रा द्वारा रेत के परिवहन हेतु कराया गया था। केन नदी के प्रवाह को जारी रखने के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अजयगढ़ नाथूराम गौंड़ ने मौके पर खड़ी मशीन से रपटा को तुड़वाने का कार्य शुरू कराया तभी नदी के उस पार छतरपुर जिले की ओर से कुबेर सिंह, राम सिंह, गंभीर सिंह बन्दूकें लेकर आए और गालियां देते हुए रपटा तोड़ने का विरोध करने लगे। पुलिस टीम जब इन्हें पकड़ने के लिए हर्रई की तरफ बढ़ी तो सशत्र बदमाश हवाई फायर करते हुए हर्रई बस्ती की ओर भाग निकले। पुलिस टीम के द्वारा हर्रई बस्ती में तलाश करने पर आरोपीगण नहीं मिले।
राजस्व एवं पुलिस टीम पर फायर कर हत्या का प्रयास करने की इस घटना पर अजयगढ़ थाना में कुबेर सिंह निवासी ग्राम बंसिया जिला छतरपुर, मकरंद द्विवेदी उर्फ़ कल्लू द्विवेदी निवासी छतरपुर, राम सिंह निवासी हर्रई जिला छतरपुर, गम्भीर सिंह निवासी ग्राम बिल्हरका जिला बांदा उत्तर प्रदेश, रामकिशोर सिंह एवं भूरा उर्फ़ मोहित सिंह दोनों निवासी ग्राम भीना थाना अजयगढ़ जिला पन्ना के विरुद्ध अपराध क्रमांक 59/12 धारा 307, 353, 186, 294 भारतीय दण्ड संहिता एवं 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था। इस प्रकरण के विचारण उपरान्त प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश पन्ना अनुराग द्विवेदी के द्वारा दिनांक 30 अक्टूबर 2019 निर्णय घोषित कर मकरंद द्विवेदी उर्फ़ कल्लू द्विवेदी निवासी छतरपुर, राम सिंह निवासी हर्रई जिला छतरपुर, गम्भीर सिंह निवासी ग्राम बिल्हरका जिला बांदा उत्तर प्रदेश, रामकिशोर सिंह एवं भूरा उर्फ़ मोहित सिंह दोनों निवासी ग्राम भीना थाना अजयगढ़ जिला पन्ना को दोषी मानते हुए सजा सुनाई थी।
सांकेतिक फोटो।
प्रकरण के मुख्य अभियुक्त कुबेर सिंह निवासी ग्राम बंसिया जिला छतरपुर के फरार होने की वजह से उसका फैसला सुरक्षित रखा गया था। अभियुक्त कुबेर सिंह पुत्र हिम्मत सिंह ठाकुर 34 वर्ष की गिरफ्तारी पश्चात न्यायालय में उपस्थित होने पर प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश पन्ना अनुराग द्विवेदी ने गुरुवार 7 अगस्त 2020 को बहुचर्चित चाँदीपाठी फायरिंग मामले में मुख्य अभियुक्त कुबेर सिंह पर सुरक्षित रखा फैसला सुनाते हुए उसे दोषी माना है। न्यायालय ने कुबेर सिंह को धारा 307 भादंवि में 10 वर्ष का सश्रम कारावास 2000 रुपए अर्थदण्ड, धारा 353 भादंवि में दो वर्ष का सश्रम कारावास 500 रुपए अर्थदण्ड, धारा 25(1-बी) (ए) आयुध एक वर्ष का सश्रम कारावास 500 रुपए अर्थदण्ड एवं धारा 27 आयुध अधिनियम में तीन वर्ष का सश्रम कारावास 1000 रुपए अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। इस प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक काजी रुकनुद्दीन ने की है।