प्राचीन किलकिला फीडर कैनाल पुनः शुरू होगी, पन्ना को पेयजल संकट से मिलेगी निजात, खेती के लिए किसानों को भी मिलेगा पर्याप्त पानी

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डीएमएफ फण्ड की राशि से किलकिला फीडर में जीर्णोद्धार कार्य कराया गया। (फाइल फोटो)

* कैनाल के निर्माण एवं सुधार के लिए 6 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति मिली

* अब अल्प वर्षा में भी भर सकेंगे पन्ना में धरम सागर और लोकपाल सागर तालाब

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) नगर में पेयजल आपूर्ति करने वाले दो प्रमुख तालाबों धरम सागर और लोकपाल सागर को बारिश में भरने के लिए कई दशक पूर्व निर्मित किलकिला फीडर कैनाल लम्बे समय से बंद पड़ी है। अतिक्रमण के चलते क्षतिग्रस्त हो चुकी इस नहर की मरम्मत कराकर इसे पुनः चालू कराने की मांग लम्बे समय से उठ रही थी। जिले के जनप्रतिनिधियों एवं पन्ना कलेक्टर के द्वारा इस दिशा में किए गए विशेष प्रयास रंग लाए हैं। परिणामस्वरूप मध्य प्रदेश शासन जल संसाधन विभाग ने किलकिला फीडर नहर की विशेष मरम्मत के लिए 6 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। पन्ना के लोगों के लिए यह अच्छी खबर है। इस नहर के पुनः चालू होने पर अल्प वर्षा की स्थिति में भी धरम सागर और लोकपाल सागर तालाब आसानी से पूर्ण क्षमता तक लबालब भर सकेंगे। इससे जहाँ गर्मी के मौसम में होने वाले पेयजल संकट से शहरवासियों को निजात मिल जाएगी वहीं खेती के लिए लोकपाल सागर तालाब के पानी पर निर्भर रहने वाले किसानों को भी फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद की जा रही है।
किलकिला फीडर कैनाल जिससे आने वाला बारिश का पानी पन्ना के तालाबों को भरेगा।
उल्लेखनीय है कि पन्ना में राजशाही जमाने में निर्मित तीन प्राचीन तालाबों निरपत सागर, धरम सागर और लोकपाल सागर से नगर में वर्तमान में पेयजल सप्लाई होती है। निरपत सागर तालाब की लोकेशन ऐसी है कि यह तालाब कम बारिश होने पर भी आसानी से भर जाता है। जबकि धरम सागर और लोकपाल सागर तालाब को भरने के लिए इनके निर्माण के ही समय किलकिला फीडर नाम से नहर बनाई गई थी। लेकिन जिम्मेदारों की दीर्घकालिक उपेक्षा एवं रख-रखाव के आभाव के चलते इस नहर के दोनों किनारों पर मकान बनाकर तेजी से जबरदस्त अतिक्रमण किया जाता रहा। नतीजतन किलकिला फीडर नहर लगातार सिकुड़ती और क्षतिग्रस्त होती चली गई। कई जगह तो अतिक्रमणकारियों ने इस प्राचीन नहर का अस्तित्व ही मिटा दिया। अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही यह नहर पिछले तीन दशक से बंद पड़ी है।
किलकिला फीडर कैनाल के मरम्मत कार्य का निरीक्षण करते हुए पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा। (फाइल फोटो)
पन्ना में प्रत्येक वर्ष गर्मी के मौसम में होने वाले पेयजल संकट के मद्देनजर इसके समाधान के लिए पिछले कुछ समय से किलकिला फीडर नहर को पुनः चालू कराने की मांग की जा रही थी। पन्ना कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने जनहित से जुड़ी इस मांग को गंभीरता से लेते हुए जल संसाधन विभाग से नहर का सर्वे कराते हुए इसके जीर्णोद्धार का स्टीमेट एवं प्रस्ताव तैयार कराया गया उसे तकनीकी अधिकारियों से स्वीकृत कराकर प्रशासकीय स्वीकृति हेतु शासन को भेजा। इधर, कलेक्टर श्री शर्मा द्वारा जिला खनिज मद से किलकिला फीडर के निर्माण एवं सुधार हेतु राशि स्वीकृत की गई। कार्य की निरंतरता को बनाए रखने के लिए इस राशि से पिछले माह मई-जून में नहर की खुदाई के बहुप्रतीक्षित कार्य का शुभारम्भ कराया गया।
किलकिला फीडर कैनाल के मरम्मत कार्य की स्वीकृति का पत्र।
कार्य के महत्व को दृष्टिगत रखते हुए पन्ना विधायक एवं प्रदेश के खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह और क्षेत्रीय सांसद विष्णु दत्त शर्मा द्वारा इसे स्वीकृति दिलाने के लिए आवश्यक प्रयास किए गए। परिणामस्वरूप जल संसाधन विभाग ने किलकिला फीडर नहर के विशेष मरम्मत कार्य के प्रस्ताव को हरी झण्डी दिखाते हुए रुपये 589.12 लाख (पांच करोड़ नाबासी लाख बारह हजार) की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।

आबादी क्षेत्र में बनेगी अण्डर ग्राउण्ड नहर

(फाइल फोटो)
जल संसाधन सम्भाग पन्ना के कार्यपालन यंत्री बी.एल. दादौरिया ने जानकारी देते हुए बताया है कि किलकिला फीडर नहर के विशेष मरम्मत कार्य को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किये जाने का पत्र विभाग को प्राप्त हुआ है। इसका कुछ कार्य डीएमएफ फण्ड से कराया गया है। विभाग द्वारा स्वीकृत राशि से  इस कार्य को मूर्तरूप देने के लिए शीघ्र ही टेण्डर की प्रक्रिया शुरू की जायेगी ताकि निर्माण एवं सुधार कार्य शुरू हो सके। आपने बताया कि लगभग 5 किलोमीटर लम्बाई वाली यह नहर पन्ना के धरम सागर, सिंह सागर और लोकपाल सागर तालाब को भरने का काम करेगी। शहर के बाहरी इलाके में यह नहर ओपन रहेगी जबकि आबादी क्षेत्र में आरसीसी बैरल (अण्डर ग्राउण्ड नहर) के द्वारा पानी पास कराया जाएगा। आरसीसी बैरल के निर्माण से जहां नहर किनारे बसे लोग ज्यादा प्रभावित नहीं होंगें वहीं आबादी क्षेत्र की गंदगी-कचरे को पानी में पहुँचने से रोका जा सकेगा।
बी.एल. दादौरिया कार्यपालन यंत्री जल संसाधन सम्भाग पन्ना।
नहर में प्रत्येक 150 मीटर पर चेम्बर बनाया जाएगा ताकि नहर में पानी के प्रवाह को अवरुद्ध (चोक) होने से रोका जाए और सुविधाजनक तरीके से इसकी सफाई भी सम्भव हो सके। कार्यपालन यंत्री बी.एल. दादौरिया के अनुसार आरसीसी बैरल के मुहानों पर लोहे की जाली लगाने का भी प्रावधान किया गया है। पानी में बहकर आने वाले झाड़-झंकाड़, पशु और कचरे आदि को रोकने में यह जाली काफी मददगार साबित होगी। आपने कहा कि अगर सब कुछ सही रहा तो शायद अगले वर्ष तक किलकिला फीडर नहर के द्वारा पन्ना के तीनों तालाबों को पूर्ण क्षमता तक भरा जा सकेगा।