द बर्निंग बस हादसा | 22 यात्रियों के जिंदा जलने के मामले में बस चालक व मालिक को दस-दस वर्ष की कठोर कैद

0
1142
वर्ष 2015 में पन्ना की मड़ला घाटी में अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे गिरी बस में आग लगने से उसमें सवार रहे यात्री जिन्दा जल गए थे। (फाइल फोटो)

*   विशेष न्यायाधीश पन्ना आरपी सोनकर ने सुनाया एक और महत्वपूर्ण फैसला

*   बस चालक को अपने अपराध के लिए 190 साल तक जेल में रहना होगा

*  कोर्ट ने 19 काउण्ट में दी गई 10-10 वर्ष की सजा को पृथक-पृथक भुगताए जाने का दिया आदेश

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले की खतरनाक मड़ला घाटी पर वर्ष 2015 में हुए बेहद ही दर्दनाक द बर्निंग बस हादसे में 22 यात्रियों के जिंदा जलने के मामले में न्यायालय का महत्वपूर्ण फैसला आया है। विशेष न्यायाधीश पन्ना आर.पी. सोनकर ने प्रकरण के विचारण उपरांत अभियुक्तगण बस चालक समसुददीन उर्फ जगदम्बे पुत्र मोहम्मद कमरूददीन 47 वर्ष निवासी ग्राम रहिकवारा थाना नागौद जिला सतना और बस मालिक ज्ञानेन्द्र पाण्डेय पिता संत प्रसाद पाण्डेय, 53 वर्ष निवासी झिंगोदर जिला सतना को हादसे के लिए दोष सिद्ध पाते हुए दस-दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों अभियुक्तों को अर्थ दण्ड से भी दण्डित किया गया है।
पूरे देश को हिलाकर रख देन वाले बर्निंग बस हादसे को करीब 6 साल हो चुके है लेकिन लोगों के जेहन में आज भी इस भयानक हादसे की यादें ताजा हैं। लाक्षागृह बनीं बस का सिहरन पैदा करने वाला मंजर लोग शायद ही कभी भूल पाएं। अब इस हादसे पर आए न्यायालय के ऐतिहासिक निंर्णय में मुख्य अभियुक्त को सुनाई गई सजा के लिए भी लंबे समय तक याद रखा जाएगा। विशेष उल्लेखनीय है कि, विद्वान न्यायाधीश श्री सोनकर ने बस चालक के अपराध को अति गंभीर श्रेणी का मानते हुए उसे 19 काउण्ट में दी गई 10-10 वर्ष की सजा को सजा को पृथक-पृथक भुगताए जाने का आदेश दिया है, जो कुल मिलाकर 190 वर्ष हो जाती है। अर्थात, लापरवाह बस चालक को 190 तक जेल में रहकर सजा भुगतनी पड़ेगी। जबकि बस मालिक सिर्फ 10 वर्ष तक जेल में रहना होगा।
सांकेतिक चित्र।
सहायक लोक अभियोजन अधिकारी पन्ना कपिल व्यास ने जानकारी देते हुए बताया कि, फरियादी रामेश्वर अहिरवार निवासी ग्राम सिंहपुर थाना अजयगढ़ ने दिनांक 04 मई 2015 को दोपहर 2:30 बजे सूचना दी थी कि वह दिल्ली से सुबह खजुराहो अपने भाईयों व रिेश्तेेदारों के साथ मजदूरी करके वापस आया तथा बमीठा से पन्ना जाने के लिए अनूप बस सर्विस क्र एमपी 19-पी-0533 में सवार हुआ। बस जैसे ही मड़ला के आगे घाटी पर पहुंची चालक समसुद्दीन बस को तेज रफ्तार लापरवाही पूर्वक चलाने लगा। बस में बैठी सवारियों ने उससे धीमी गति से बस को चलाने को कहा, लेकिन वह नहीं माना और बस को बड़ी तेज रफ्तार व लापरवाही पूर्वक खतरनाक ढंग से चलाकर छोटी पुलिया पाण्डव फाल के पास पलटा दिया।
बस पलटकर पुलिया के नीचे गिरने से उसमें आग लग गई। आग की लपटों में झुलसने से रामेशवर के शरीर में चोटें आईं तथा हादसे के समय बस में सवार रहे लगभग 20-21 व्यक्ति आग में जिंदा जल गये, वे लोग बाहर नहीं निकल पाए। मड़ला घाटी में राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक- 75 (वर्तमान क्रमांक- 39) पर हुए इस हृदय विदारक हादसे के तुरंत बाद नजदीक स्थित पाण्डव जल प्रपात प्रवेश द्वारा पर तैनात रहे वनकर्मी मौके पर पहुंचे थे।
द बर्निग बस हादसे पर पुलिस के द्वारा थाना मड़ला में अपराध कमांक 06/2015 धारा 279, 337, 304ए भादंवि एवं धारा 184 मोटरयान अधिनियम का पंजीबद्ध कर अपराध विवेचना में लिया गया। प्रकरण की जांच उपरांत अभियुक्त बस ड्राइवर मोहम्मद समसुद्दीन को धारा 279, 337, 304ए 338, 304 (भाग-दो) 34, 287 भादवि एवं धारा 182, 183, 184 एवं धारा 191 मोटरयान अधिनियम के अपराध में तथा अभियुक्त बस मालिक ज्ञानेन्द्र पाण्डेय को धारा 279, 337, 304ए, 338, 304 (भाग-दो) 34, 287 भादवि एवं धारा 182, 183, 184 एवं धारा 191 मोटरयान अधिनियम में गिरफ्तार किया गया। अन्वेषण कार्यवाही उपरांत अभियोग-पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
प्रकरण का विचारण विशेष न्यायाधीश, पन्ना आर.पी.सोनकर के न्यायालय में हुआ। शासन की ओर से प्रकरण की पैरवी विेशेष लोक अभियोजक जितेन्द्र सिंह बैस द्वारा करते हुये न्यायालय के समक्ष साक्षियों को बिन्दुवार तरीके से न्यायालय के समक्ष साक्षियों के कथन अभिलिखित कराकर आरोपीगण के विरूद्ध अपराध संदेह से परे प्रमाणित किया गया। वहीं आरोपीगण के किए गए कृत्य को गंभीर श्रेणी का अपराध मानते हुये अधिक से अधिक दंड से दंडित किये जाने का निवेदन किया। न्यायालय द्वारा अभिलेख पर आये साक्ष्यों, अभियोजन के तर्कों तथा न्यायिक-दृष्टांतो से सहमत होते हुए इसी आधार पर दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध दंडादेश पारित किया है।

इन धाराओं के तहत सुनाई सजा और जुर्माना भी लगाया

जिला एवं सत्र न्यायालय पन्ना। (फाइल फोटो)
न्यायालय ने अभियुक्त बस चालक मोहम्मद समसुददीन उर्फ जगदम्बे 47 वर्ष को धारा 304 (भाग दो) (19 काउंट में) भादसं में 10-10 वर्ष का कठोर कारावास एव (प्रत्येाक काउंट के लिये) 01-01 हजार रूपये के अर्थदण्ड से एवं धारा 325 (02 काउंट) भादसं के आरोप में 03-03 वर्ष का कठोर कारावास एवं 01-01 हजार रूपये के अर्थदण्ड से एवं धारा 323 (13 काउंट) भादसं में 06-06 माह का साधारण कारावास से दंडित किया गया। जबकि बस मालिक ज्ञानेन्द्र पाण्डेय पिता संत प्रसाद पाण्डेय 53 वर्ष धारा 304 (भाग दो) (19 काउंट में) भादसं में 10-10 वर्ष का कठोर कारावास एवं (प्रत्येक काउंट के लिये) 01-01 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। न्यायालय ने बस चालक के अपराध को अति गंभीर श्रेणी का मानते हुए उसे 19 काउण्ट में दी गई 10-10 वर्ष की सजा को सजा को पृथक-पृथक भुगताए जाने का आदेश दिया है, जो कुल मिलाकर 190 वर्ष हो जाती है। अर्थात, लापरवाह बस चालक को 190 तक जेल में रहकर सजा भुगतनी पड़ेगी। जबकि बस मालिक सिर्फ 10 वर्ष तक जेल में रहना होगा।