प्रदेश सरकार ने अधिकारियों-कर्मचारियों के ऊपर किया आर्थिक हमला, चार सूत्रीय मांगों को लेकर जारी रहेगा संयुक्त मोर्चा का संघर्ष

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अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौपनें के बाद कलेक्ट्रट से बाहर आते हुए अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा जिला इकाई पन्ना के पदाधिकारी।

* संयुक्त मोर्चा अध्यक्ष का दावा जिले में सफल रही कलमबंद हड़ताल

* आगामी निर्णायक आंदोलन की रणनीति बनाएगा मोर्चा : कृष्णपाल

पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा एवं संयुक्त समन्वय समिति के आव्हान पर आयोजित प्रांतव्यापी एक दिवसीय कलमबंद हड़ताल का असर सोमवार 24 अगस्त को पन्ना जिले में भी देखा गया। अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा पन्ना के जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह ने प्रेस में जारी विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि चार सूत्रीय मांगों को लेकर की गई इस हड़ताल का जिले के अधिकारियों-कर्मचारियों ने पूर्ण समर्थन करते हुए अपनी कलम बंद रखी। संयुक्त मोर्चा जिलाध्यक्ष श्री यादव ने दावा किया है कि पन्ना जिले में कलमबंद हड़ताल पूरी तरह सफल रही। इस हड़ताल को व्यापक समर्थन मिलने की वजह प्रदेश की सरकार के द्वारा अधिकारीयों-कर्मचारियों के हितों पर लगातार कुठाराघात करना है। जिससे कर्मचारी जगत में सरकार के विरुद्ध जबर्दश्त आक्रोश और असंतोष व्याप्त है। प्रदेश की सरकार ने जिस तरह एक के बाद एक अधिकारीयों-कर्मचारियों के ऊपर आर्थिक हमले किये हैं, उसे लेकर कर्मचारी जगत में तीखी प्रतिक्रिया है।
एक दिवसीय कलमबंद हड़ताल सरकार के कर्मचारी विरोधी मनमाने फैसलों के खिलाफ एक सांकेतिक विरोध प्रदर्शन था। इसके माध्यम से कर्मचारियों ने सिर्फ पन्ना जिले में ही नहीं पूरे बल्कि पूरे प्रदेश में अपनी नाराजगी का रुख स्पष्ट करते हुए कड़ा सन्देश दिया है। प्रदेश के कर्मचारी अपने हितों के संरक्षण के लिए सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तत्पर और एकजुट हैं, यह बात जाहिर हो चुकी है। अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा पन्ना के जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह ने कहा कि हम जिन चार सूत्रीय मांगों के निराकरण की बात कर रहे हैं, वे प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी से सीधे तौर पर जुड़ीं हैं, उन सरकार यदि गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए तुरंत कोई ठोस निर्णय नहीं लेती है तो आगामी समय में संयुक्त मोर्चा के सभी संगठन राजधानी भोपाल और जिले में बैठकर भविष्य के निर्णायक आंदोलन की रणनीति बनाएंगे। और जल्द ही प्रभावी तरीके से प्रदेश सरकार के खिलाफ संघर्ष का शंखनाद करेंगे।

ये हैं मुख्य मांगे-

अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा जिला इकाई पन्ना के पदाधिकारियों द्वारा कलमबंद हड़ताल वाले दिन शाम के समय पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र से भेंट कर उन्हें अपनी चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें मुख्य रूप से- जुलाई 2020 की रोकी गई वेतनवृद्धि तत्काल लागू कर आर्थिक लाभ देने, वर्ष 2016 से अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पदोन्नति पर रोक लगी है, जिसके कारण अधिकांश अधिकारी एवं कर्मचारी पदोन्नति प्राप्त किये बगैर सेवानिवृत्त हो रहे हैं । इस संबंध में मोर्चा का सुझाव है कि जो अधिकारी एवं कर्मचारी जिस पद के समतुल्य वेतन एवं ग्रेड-पे प्राप्त कर रहे हों उन्हें उसके समकक्ष पदों के नाम से नामित किया जाए। ऐसा करने से शासन पर कोई वित्तीय भार भी नहीं पड़ेगा। शासन द्वारा राज्य के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मँहगाई भत्ता दिये जाने के संबंध में आदेश जारी किये थे, किन्तु कोरोना महामारी के कारण मँहगाई भत्ता भुगतान के आदेश को स्थगित कर दिया गया था। इस आदेश को वापिस लेते हुये मँहगाई भत्ता 5 प्रतिशत भुगतान करने के आदेश प्रसारित करने की मांग का उल्लेख है।
इसके अलावा सातवें वेतनमान के एरियर की राशि जो तीन वित्तीय वर्षों में भुगतान किया जाना था। इसकी दो किश्तों के भुगतान किये जाने के उपरांत तीसरी किश्त जिसका भुगतान मई-2020 में किया जाना था, जिस पर रोक लगा दिये जाने से एरियर के तीसरी किश्त का भुगतान नहीं हो सका है। साथ ही अध्यापक संवर्ग को छठवें वेतनमान की अप्रैल 2020 में मिलने वाली किश्त का भी भुगतान नहीं हो पाया है । इन रोक को हटाकर लंबित किश्तों का भुगतान कराया जावे एवं सेवानिवृत्ति आयु को 62 वर्ष यथावत रखने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। संयुक्त मोर्चा जिलाध्यक्ष पन्ना कृष्ण पाल सिंह यादव ने बताया कि जिले के समस्त मान्यता प्राप्त गैर मान्यता प्राप्त अधिकारी-कर्मचारी संगठनों के समस्त पदाधिकारियों ने कलमबंद हड़ताल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और हड़ताल को सफल बनाया है। इसके लिए श्री यादव ने जिले के समस्त संगठनों का आभार व्यक्त किया है।