दलितों के हक़ की आवाज़ उठाने वाले युवा नेता पर फिर हुआ हमला !

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स्वयं के ऊपर हुए हमले की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए ककरहटी चौकी के बाहर आवेदन पत्र लेकर खड़े दलित युवा नेता संजय अहिरवार।

पन्ना पुलिस ने दर्ज नहीं किया मामला, आवेदन पत्र की जारी है जांच

पन्ना। (www.radarnews.in) युवा एक्टिविस्ट और दलित नेता संजय अहिरवार के ऊपर एक बार फिर कथित तौर हमला हुआ है। घटना शनिवार 22 मई की है। हमला करने का आरोप एक अन्य युवा दलित नेता और उसके साथियों पर है। संजय ने घटना की लिखित रिपोर्ट पन्ना कोतवाली थाना अंतर्गत आने वाली पुलिस चौकी ककरहटी में दी है। जिसमें इस युवा-छात्र नेता ने बताया है कि, घटना दिनांक को वह मोटर साइकिल से अपने साथी मोनू अहिरवार के साथ पन्ना से लक्ष्मीपुर होते हुए देवेन्द्रनगर जा रहा था। रास्ते में ग्राम मुटवाकला के आगे नर्सरी के समीप जीतेन्द्र जाटव, मनोज कुशवाहा एवं उनके साथियों के द्वारा सड़क पर पत्थर रखकर उसका रास्ता रोकने का प्रयास किया गया। मगर किसी तरह पत्थरों से बचकर निकलने के दौरान संजय के गले में पड़े गमछा को खींचकर जबरन रोकने की कोशिश की गई और पीछे से पत्थर फेंक कर मारा गया। पत्थर लगने संजय के सिर से खून बहने लगा और उसकी बाइक भी अनियंत्रित होकर नीचे गिर गई।
घटनास्थल से पुलिस की डायल-100 सेवा पर मदद के लिए कई बार कॉल किया गया लेकिन जब सम्पर्क नहीं हुआ तो शाम के समय अपने दोस्त के साथ ककरहटी पुलिस चौकी पहुंचकर लिखित रिपोर्ट दी गई। घटना के तीन दिन बाद भी इस रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज नहीं हुआ। एक सवाल के जबाव में युवा नेता ने बताया कि जीतेन्द्र जाटव ने उस पर हमला सिर्फ इसलिए किया क्योंकि मेरी राजनैतिक-सामाजिक सक्रियता के चलते वह मुझसे ईर्ष्या और दुर्भावना रखते हैं।

उत्पीड़न के खिलाफ आवाज़ उठाने से नाराज़ है पुलिस 

कथित हमले के कारण सिर में आई चोट को दिखाते हुए दलित युवा नेता संजय अहिरवार।
कानून की पढ़ाई कर रहे युवा एक्टिविस्ट और दलित नेता संजय अहिरवार पन्ना जिले में दलितों के हक़ से जुड़े मसलों और उनके उत्पीड़न के खिलाफ उठने वाली सबसे मुखर आवाज़ बनकर तेजी से उभर रहे हैं। कुछ मौकों पर संजय ने लोकतांत्रिक तरीके से पुलिस के कथित उत्पीड़न के खिलाफ जिस तरह से हल्ला बोला उससे कमजोर-बेबस-असहाय को वर्दी का रौब दिखाने वालों में आंतरिक हड़कंप मचा है। संजय का आरोप है कि पुलिसिया उत्पीड़न के खिलाफ खुलकर बोलने के ही कारण पुलिस के कतिपय अफसर नाराज है इसलिए मेरे ऊपर दो-दो बार हमला होने के बाद भी मेरी रिपोर्ट न लिखकर प्रताड़ित करने की नीयत से मेरे ही खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। मजबूत इरादों वाले इस युवा नेता का कहना है कि इन सब हथकण्डों से अब वह चुप होने या डरने वाला नहीं है, अन्याय के खिलाफ संघर्ष का शंखनाद हो चुका है और यह अंतिम साँस तक जारी रहेगा।

इनका कहना है –

“संजय अहिरवार के आवेदन पत्र की जांच की जा रही है। जहां का घटनास्थल बताया गया है वहाँ के लोगों ने बताया है कि घटना दिनांक को दो युवक मोटर साइकिल से गिरकर घायल हुए थे लेकिन वे उन्हें पहचानते नहीं है। हमने आरोपों की सत्यता की जांच हेतु कथित तौर पर हमला करने वालों की मोबाइल लोकेशन की तस्दीक हेतु साइबर सेल को पत्र भेजा है, शीघ्र ही वस्तु स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। जांच में जो भी तथ्य निकलकर आएंगे उसी के अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।”

– एन.पी. पटेल, पुलिस चौकी प्रभारी ककरहटी, जिला पन्ना।

“राजनैतिक दुर्भावनावश मुझे बदनाम करने एवं मेरी छवि धूमिल करने के लिए संजय अहिरवार के द्वारा लगातार असत्य और तथ्यहीन आरोप लगाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी मेरे संबंध में अनर्गल-आपत्तिजनक बातें कहीं गई। अभी तक मैं नजरअंदाज करता रहा लेकिन अब और नहीं करूँगा। न्यायालय के खुलने पर उसके खिलाफ मानहानि का केस फाइल करूँगा। मेरे पास कई साक्ष्य मौजूद हैं।”

– जीतेन्द्र जाटव, कोंग्रेस नेता, पन्ना।