नेशनल हाईवे पर शव रखकर 5 घण्टे तक किया चक्का जाम, हत्या की FIR दर्ज होने के बाद बहाल हुआ आवागमन

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राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-39 पर सतना-पन्ना के बीच सुंदरा ग्राम के समीप सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन करते हुए ग्रामीण।

*   सड़क दुर्घटना के बाद बाइक चालक को जिंदा जलाने का आरोप

*   सतना में इलाज के दौरान युवक की मौत होने से उपजा आक्रोश

*   दो दिन पूर्व देवेन्द्रनगर-सलेहा मार्ग पर मंटोला के समीप हुआ था एक्सीडेंट

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में देवेन्द्रनगर-सलेहा मार्ग पर ग्राम मंटोला के समीप रविवार 25 जुलाई को हुई सड़क दुर्घटना में बाइक चालक ने मौके पर युवकों ठोकर मार दी थी। इससे आक्रोशित युवकों ने बाइक चालक उमेश मिश्रा पिता राजेश मिश्रा 35 वर्ष निवासी ग्राम इटवां दुबहियाँ के साथ कथित तौर पर मारपीट करते हुए बाइक में आग लगा दी और दिनदहाड़े चालक को जिंदा जलाने की नियत से जलती हुई बाइक के ऊपर उसे फेंक दिया। अत्यंत ही गंभीर रूप से झुलसे उमेश की इलाज के दौरान सतना में मौत हो गई।
बेरहमी का शिकार बने युवक की मौत से गुस्साए परिजनों ने मंगलवार 27 जुलाई को मृतक का शव सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। इस बीच नेशनल हाईवे क्रमांक-39 पर सतना-पन्ना के बीच 5 घण्टे तक घंटे तक ट्रैफिक पूरी तरह प्रभावित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतार लग गई। पन्ना से मौके पर पहुंचे अपर कलेक्टर जे.पी. धुर्वे के ने हत्या का प्रकरण पंजीबद्ध होने की जानकारी देते हुए आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया, उसके बाद बमुश्किल ग्रामीणों ने चक्का जाम समाप्त किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पन्ना जिले के देवेन्द्रनगर थाना अंतर्गत रविवार 25 जुलाई को ग्राम मंटोला के समीप उमेश मिश्रा पिता राजेश मिश्रा 35 वर्ष निवासी ग्राम इटवां दुबहियाँ संदिग्ध परिस्थितियों में आग से झुलसा हुआ अचेत अवस्था में पड़ा मिला था। घटनास्थल पर उसकी बाइक भी जली हुई बरामद हुई। उमेश की नाजुक हालत को देखते हुए उसे इलाज हेतु सतना में भर्ती कराया गया। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर अपुष्ट खबर आई कि पैदल जा रहे युवकों को ठोकर मारने के बाद बाइक में आग लग गई। हालांकि, मामला संदिग्ध होने के कारण सोशल मीडिया पर आई इस खबर पर लोगों को भरोसा नहीं हुआ। कथित तौर पर घायल उमेश मिश्रा के द्वारा अपने परिजनों को बताया गया कि बाइक की ठोकर लगने से नाराज युवकों के द्वारा उसके साथ मारपीट की गई और बाइक में आग लगाने के बाद जिंदा जलाने की नियत से जलती हुई बाइक के ऊपर फेंक दिया था।
सतना में इलाज के दौरान उमेश की मौत होने पर आज उसके शव को गृह ग्राम इंटवा तिल्हा लाया गया। जहां मृतक के आक्रोशित परिजनों व ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। देवेन्द्रनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत पन्ना-सतना जिले की सीमा के नजदीक दोपहर करीब 1 बजे चक्का जाम किए जाने की खबर मिलते ही देवेन्द्रनगर थाना टीआई धर्मेन्द्र सिंह व तहसीलदार राजेन्द्र मिश्रा तुरंत मौके पर पहुँच गए। दोनों अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाईश देते हुए चक्का जाम खुलवाने का काफी प्रयास किया लेकिन पीड़ित परिजन न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपियों के विरुद्ध हत्या का मामला पंजीबद्ध करने की मांग पर अड़े रहे। इस गतिरोध के चलते कुछ ही देर में सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कई किलोमीटर लम्बी कतारें लग गई। चक्का जाम और हंगामे के चलते वाहनों का आवागमन ठप्प होने बारिश के मौसम में रास्ते में फंसे सैंकड़ों यात्रियों और वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
देवेन्द्रनगर-सलेहा मार्ग पर मंटोला के समीप सड़क दुर्घटना के बाद आग की लपटों में धू-धू कर जलती हुई बाइक। (फाइल फोटो)
वहीं जब स्थानीय अधिकारियों से बात नहीं बनीं तो पन्ना से एसडीओपी व अजाक डीएसपी अजय बाघमारे भी मौके पर चक्काजाम खुलवाने के लिए भेजा गया। इन अधिकारियों ने भी प्रदर्शनकारियों को समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन महिलाएँ अपनी मांग पर अडिग रहीं। जबर्दस्त जनाक्रोश को देखते हुए पुलिस के द्वारा मौके पर ही परिजनों के बयान दर्ज किए व घटना की निष्पक्ष जांच कराकर साक्ष्य एकत्रित कर आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही की बात कही गई। इस पर भी प्रदर्शनकारी सड़क से हटने के लिए राजी नहीं हुए। गुजरते समय के साथ बढ़ते तनाव और दबाव के बीच एहतियातन तौर पर कानून व्यवस्था को बनाये रखने प्रदर्शन स्थल पर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया।
देवेन्द्रनगर तहसीलदार राजेन्द्र मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदर्शन को उग्र होते देख शाम करीब 6 बजे पन्ना से अपर कलेक्टर जे.पी. धुर्वे मौके पर पहुंचे। उनके द्वारा देवेन्द्रनगर थाना में हत्या का प्रकरण पंजीबद्ध होने की जानकारी दी गई और जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया गया। तब कहीं जाकर प्रदर्शनकारी ग्रामीण चक्काजाम समाप्त कर शव का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुए। इस तरह लगभग 5 घण्टे बाद नेशनल हाईवे क्रमांक-39 पर सतना-पन्ना के बीच पुनः वाहनों का आवागमन शुरू हो सका।