हीरों की धरती पर रहने वालों की जिंदगी का अंधियारा देखकर बहुत दुखी और हैरान हूँ : कंकर मुंजारे

0
1514
पन्ना जिले के समाजवादी पार्टी नेताओं के साथ पूर्व सांसद एवं मध्य प्रदेश के वरिष्ठ सपा नेता कंकर मुंजारे।

 

पन्ना के प्रवास पर आए पूर्व सांसद ने पत्रकारों से विभिन्न मुद्दों पर की चर्चा

बोले, बुनियादी सुविधाएं हैं बदहाल, गरीबों को नहीं मिल रहा योजनाओं का लाभ

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) कुदरत ने जिस धरती को बेशकीमती रत्न हीरों का अनमोल उपहार दिया, प्रचुर मात्रा में वन एवं खनिज संपदा के साथ छोटी-बड़ी आधा दर्जन से अधिक नदियों की विपुल जल राशि देकर प्राकृतिक संसाधनों के मामले में हर तरह से समृद्ध और संपन्न बनाया वहाँ के लोगों की बदहाली और गरीबी देखकर बहुत हैरान और दुखी हूँ। देश की आजादी के 75 साल बाद भी पन्ना के अधिकाँश गांवों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छ पेयजल, बिजली, पुल-पुलिया जैसी बुनियादी सुविधाओं का घोर आभाव है। जिला मुख्यालय तक में सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल व्यवस्था और उच्च शिक्षा की स्थिति बद से बद्तर है। यह बात बालाघाट के पूर्व सांसद एवं समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता कंकर मुंजारे ने आज पन्ना में पत्रकारों से चर्चा में कही।
पन्ना जिले के अपने दो दिवसीय प्रवास के अंतिम दिन शनिवार 21 अगस्त को श्री मुंजारे ने सर्किट हाऊस में पत्रकारों से विभिन्न मुद्दों चर्चा करते हुए बड़ी बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने बताया कि जिले के लोगों के आमंत्रण पर दो माह के अंदर दूसरी बार मुझे पन्ना आने मौका मिला। इस दौरान अजयगढ़ क्षेत्र सहित पन्ना के आसपास के ग्रामों का भ्रमण कर जमीनी हालात को अपनी आंखों से देखा और स्थानीय लोगों से भी रूबरू हुआ। ग्रामीण अंचल के लोग बुनियादी सुविधाओं के आभाव में नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। बारिश के मौसम में कई गांवों की आंतरिक सड़कें पानी और कीचड़ रुपी दलदल में तब्दील होने के कारण वहां के लोगों का घर से बाहर आना-जाना किसी सजा से कम नहीं है। मनमानी अघोषित बिजली कटौती तथा ट्रांसफर खराब होने के कारण बारिश और बीमारी के मौसम में अनेक गांव महीनों से अँधेरे में डूबे हैं।
श्री मुंजारे ने बताया कि कोरोना महामारी के इस दौर में भी गांवों के आरोग्य केन्द्र कागजों पर संचालित हैं और उप स्वास्थ्य केन्द्रों का महीनों ताला नहीं खुलता है। गांव के लोग सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से पूर्णतः वंचित है, इलाज के लिए उन्हें झोलाछाप डॉक्टरों की शरण में जाना पड़ता है। पूर्व सांसद ने कहा कि, वास्तविक गरीबों के नाम गरीबी रेखा की सूची में न होने के कारण उन्हें खाद्य सुरक्षा का लाभ नहीं मिल पा रहा है, अन्य योजनाओं का भी यही हाल है। गांवों में मनरेगा एवं अन्य रोजगार मूलक काम ठप्प होने से बहुसंख्यक गरीबों का महंगाई के इस दौर में गुजारा बमुश्किल हो पा रहा है।

रेफरल अस्पताल बना पन्ना जिला चिकित्सालय

आपने कहा कि जिला मुख्यालय पन्ना की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। उन्होंने कहा कि मुझे पन्ना के ही लोगों ने बताया, जिला चिकित्सालय में बड़ी संख्या में डॉक्टरों के पद रिक्त पड़े हैं। जिला अस्पताल के कोविड केयर सेंटर में भर्ती होने वाले कोरोना मरीजों का इलाज एलोपैथी चिकित्सक देखते तक नहीं हैं, उनका उपचार नौसीखिए आयुष चिकित्सकों और नर्सों के भरोसे छोड़ दिया है। ट्रामा सेंटर संचालन के नाम पर पन्ना जिले के लोगों के साथ ड्रामा करते हुए जनरल ओपीडी संचालित की जा रही है। इस कारण पन्ना जिला चिकित्सालय रेफरल अस्पताल में तब्दील हो चुका है। जिसका खामियाजा इस जिले के निर्दोष लोगों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है।

स्वीकृति के बाद भी किलकिला फीडर का काम नहीं कराया

पूर्व सांसद एवं मध्य प्रदेश के वरिष्ठ सपा नेता कंकर मुंजारे।
पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने पन्ना के दोनों कॉलेजों में बड़ी संख्या में प्रोफेसरों के पद खाली होने पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा भी लगभग चौपट है। पन्ना नगर में पेयजल की आपूर्ति करने वाले तालाबों को बारिश के पानी से भरने वाले किलकिला फीडर के कार्य हेतु पिछले साल राशि स्वीकृत होने के बाद भी अब तक कार्य क्यों नहीं हुआ। प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि क्या करते रहे। पेयजल सुविधा से जुड़े इस कार्य को इनके द्वारा प्राथमिकता न देना बताता है कि जिम्मेदार कितने बेपरवाह है। वर्तमान में अल्प वर्षा के चलते पन्ना के तालाब खाली पड़े हैं, यदि शीघ्र ही बारिश नहीं हुई तो आने वाले महीनों में पेयजल को लेकर हा-हाकार की स्थिति निर्मित हो सकती है। यानी किलकिला फीडर के कार्य में बरती गई घोर लापरवाही का दुष्प्रभाव पन्ना के नागरिकों को झेलना पड़ सकता है।

जिले को लूट रहे हैं जनप्रतिनिधि और अधिकारी

एक सवाल के जवाब में समाजवादी पार्टी नेता श्री मुंजारे ने कहा कि पन्ना जिले की इस दुर्दशा के लिए मौजूदा जनप्रतिनिधि और शिवराज सरकार जिम्मेदार हैं। पन्ना के जनप्रतिनिधियों को यहां के विकास से जुड़े मुद्दों और जन समस्याओं के निरकारण से कोई सरोकार नहीं है। भ्रष्ट अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का नापाक गठबंधन मिलकर इस जिले को हर तरह से लूटने में लगा है। पूर्व सांसद ने कहा कि, इस स्थिति में बदलाव के लिए पन्ना के लोगों को अपने हक़-अधिकारों के प्रति जागरूक होने के साथ भय और संकोच छोड़कर जनप्रतिनिधियों से सार्वजानिक तौर पर चुनावी वादों को लेकर कड़े सवाल पूंछने होंगें। प्राकृतिक संसाधनों की लूट, भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराना होगा।
आपने बताया कि व्यापक जनहित से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष का बिगुल फूंकने के लिए समाजवादी पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं। पार्टी के पदाधिकारी जब भी याद करेंगे मैं सदैव उनके साथ खड़ा रहूंगा। प्रेससवार्ता के दौरान सपा नेता दशरथ सिंह यादव पहलवान, देवेन्द्र सिंह लोधी, अधिवक्ता रामभजन सिंह, साधू सिंह लोधी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।